नई दिल्ली: पीएम नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) के लिए आधुनिकीकरण योजना- IV को हरी झंडी दे दी है. गृह मंत्रालय द्वारा अमित शाह के मार्गदर्शन में इस पर 2022 से लेकर 31 मार्च 2026 तक कुल 1,523 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. इस योजना से CAPF को समग्र परिचालन दक्षता/तैयारी में सुधार करने में सहायता मिलेगी.
यह अंतरराष्ट्रीय सीमा (LOC-LAC) के साथ ही विभिन्न थिएटरों, जैसे वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित क्षेत्रों, जम्मू और कश्मीर के केंद्र शासित प्रदेशों, लद्दाख और उग्रवाद से प्रभावित उत्तर पूर्वी क्षेत्रों में सामने आ रही चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार की क्षमता को सशक्त करेगा. बता दें कि CAPF भारत का एक प्रमुख अर्धसैनिक बल है और दुनिया का सबसे बड़ा सीमा रक्षक बल है. इसका गठन 1 दिसम्बर 1965 में किया गया था.
CAPF की जिम्मेदारी शांति के समय के दौरान भारत की अंतर्राष्ट्रीय सरहदों पर निरंतर निगरानी रखना, भारत भूमि सीमा की रक्षा और अंतर्राष्ट्रीय अपराध को रोकना है. इस वक़्त बॉर्डर सिक्योरिटी फ़ोर्स (BSF) की 188 बटालियन है और यह 6,385.36 किमी लंबी अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर की सुरक्षा करती है जो कि पवित्र, दुर्गम रेगिस्तानों, नदी-घाटियों और हिमाच्छादित प्रदेशों तक फैली है.