दशकों से अविभाजित मध्यप्रदेश के समय से डोंगिया सुलोनी के गबेल परिवार का राजनीति में है काफी प्रभाव
सामाजिक दृष्टिकोण से भी रामकुमार गबेल एवं उनका पूरा परिवार सक्रियता के साथ कर रहा कार्य
सक्ती– नवीन जिले शक्ति के 3 विधानसभा क्षेत्रों जैजैपुर,शक्ति एवं चंद्रपुर क्षेत्र की बात करें तो इन विधानसभाओं में मालखरौदा विकासखंड के डोंगिया सुलोनी के गबेल परिवार का काफी प्रभाव देखा जाता है, तथा राजनीतिक रूप से जहां इस परिवार का वर्चस्व राजनीति में प्रत्यक्ष रूप से रहा है
तो वही जांजगीर-चांपा जिले के नवीन गठन के बाद प्रथम जिला पंचायत अध्यक्ष बनने का गौरव भी इस परिवार को दिनेश गबेल के रूप में प्राप्त हुआ, साथ ही इसी परिवार से रामकुमार गवेल भी जिला पंचायत के सदस्य रहे, तो वही उनकी धर्मपत्नी श्रीमती गीता गबेल भी जांजगीर-चांपा जिला पंचायत सदस्य रही, साथ ही वर्तमान में नवीन शक्ति जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्रों के मुख्य जनपद मुख्यालयों में भी जनपद पंचायतों में गबेल परिवार के लोग जनपद सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं,जनपद पंचायत शक्ति में जहां रामकुमार गबेल स्वयं जनपद सदस्य हैं, तो वहीं मालखरौदा जनपद पंचायत जो कि चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में आती है वहां उनकी धर्मपत्नी गीता गबेल जनपद सदस्य हैं, जैजैपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत जनपद पंचायत जैजैपुर में रामकुमार गबेल के जेष्ठ भ्राता महेंद्र गबेल जनपद सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं, तथा विगत दिनों रामकुमार गबेल ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी एनसीपी के छत्तीसगढ़ प्रदेश इकाई पदाधिकारी से इस्तीफा दे दिया था, तथा रामकुमार गबेल के इस्तीफा देने के बाद से उनके राजनीतिक प्रवेश को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं
किंतु रामकुमार गबेल की ओर से अभी तक यह बात स्पष्ट नहीं हुई है, कि वे एनसीपी छोड़कर किस पार्टी का दामन थामेंगे तथा रामकुमार गबेल की राजनीतिक पृष्ठभूमि देखी जाए तो उनका पूरा परिवार प्रारंभ से ही भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय रूप से कार्य करता रहा है, तथा इसी के चलते इस परिवार ने राजधानी तक राजनीति के बड़े नेताओं के बीच अपनी छवि बनाई है, एवं गबेल परिवार की सामाजिक दृष्टिकोण से भी बात करें तो रामकुमार गबेल के जेष्ठ भ्राता एवं जांजगीर-चांपा जिला पंचायत के प्रथम अध्यक्ष दिनेश गबेल वर्ष 2005 से वर्ष 2010 के बीच छत्तीसगढ़ प्रदेश में गबेल समाज के प्रांतीय अध्यक्ष पद का निर्वहन कर चुके हैं, साथ ही रामकुमार गबेल स्वयं वर्ष 2010 से 2015 तक छत्तीसगढ़ प्रदेश में गबेल समाज के प्रांतीय सचिव पद का निर्वहन कर चुके हैं
इसके अलावा प्रदेश के विभिन्न सामाजिक आयोजनों में जहां बढ़-चढ़कर इनका पूरा परिवार सहभागीता करता है, तो वही चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र में भी देखा जाए तो रामकुमार सक्रिय रूप से लोगों के सुख- दुख में सहभागी होकर कार्य करते हैं,एवं रामकुमार गबेल के राजनीतिक प्रवेश को लेकर पूरे क्षेत्र में चर्चाओं का बाजार गर्म है, एवं वर्ष 2023 में छत्तीसगढ़ प्रदेश में विधानसभा के चुनाव होने हैं, तथा इन चुनावों में जहां राज्य के प्रमुख राजनीतिक दल भाजपा- कांग्रेस भी सक्रिय हैं, तो वही प्रभावशाली व्यक्तित्व के नेताओं की भूमिका इन चुनावों में काफी निर्णायक रहेगी
तथा चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो वर्तमान में कांग्रेस पार्टी से रामकुमार यादव ने यहां विधायक के रुप में जनता का विश्वास जीता था, अब आने वाले 2023 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर भी सभी राजनीतिक दलों की नजरें टिकी हुई है, एनसीपी से भी जहां नोबेल वर्मा ने चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र के मुख्यालय डभरा में अपना कार्य प्रारंभ कर दिया है, तो वही भाजपा- कांग्रेस भी इस सीट पर पूरी ताकत लगायेगी हैं, वही मालखरौदा क्षेत्र जो कि चंद्रपुर विधानसभा क्षेत्र का एक बड़ा एरिया है, तथा इस मालखरौदा विकासखंड में भी काफी संख्या में मतदान केंद्र एवं चुनाव के समय यह क्षेत्र किसी भी राजनीतिक दल के लिए काफी निर्णायक माना जाता है, तथा इस क्षेत्र में रामकुमार गबेल की राजनीतिक पकड़ को देखते हुए उनका किसी भी राजनीतिक दल में प्रवेश काफी अहम होगा
वही रामकुमार गबेल भी कहते हैं कि आज उन्होंने दशकों से लोगों के सहयोग स्नेह एवं आशीर्वाद से राजनीतिक सामाजिक तथा सेवा के क्षेत्र में कार्य किया है एवं आने वाले समय में भी इसी तरह से कार्य करते रहेंगे