अंबिकापुर। फरवरी के अंतिम सप्ताह में उत्त्तरी छत्तीसगढ़ के मौसम में लगातार उतार-चढ़ाव बना रहेगा। एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के कारण माह के आखिरी दिनों में सरगुजा संभाग में गरज-चमक के साथ कई इलाकों में बारिश का अनुमान है। एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से एक बार फिर उत्तरी राजस्थान के ऊपर चक्रवाती घेरा बनने लगा है जो उत्तर भारत की ओर आगे बढ़ रहा है। इसके असर से बिहार, झारखंड और उत्त्तरी छत्तीसगढ़ का इलाका प्रभावित होगा। मौसम विभाग ने सरगुजा संभाग में 24 और 25 फरवरी को मौसम बिगड़ने का अंदेशा जताया है। इसके कारण सरगुजा संभाग के कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना जताई है। मौसम में हो रहे उतार-चढ़ाव का असर तापमान पर पड़ा है। अंबिकापुर के अधिकतम और न्यूनतम तापमान में पिछले 24 घंटे में वृद्धि दर्ज की गई है। अधिकतम 27 और न्यूनतम 13 डिग्री के करीब पहुंच गया है। इस बीच यदि बारिश होती है तो एक बार फिर सरगुजा जिले के तापमान में गिरावट होगी। बेमौसम बारिश का फायदा रबी की फसलों को पहुंचेगा। कृषि विज्ञानियों के अनुसार गेहूं की फसल में अब बालियां आ रही हैं। ऐसे में बारिश होने एवं तापमान ज्यादा नहीं बढ़ने से फसल को लाभ होगा।
आने वाले हैं दो और विक्षोभ
मौसम विज्ञानी एएम भट्ट के अनुसार वर्तमान पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता थमी नहीं होगी कि लगातार दो और पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी छत्तीसगढ़ के मौसम को प्रभावित करेंगे। उत्तरी इलाके से यह पश्चिमी विक्षोभ 25 और 28 फरवरी को सक्रिय होंगे। यानी फरवरी माह का समापन मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच होगा।
आज आएंगे बादल, दोपहर बाद बरसने की संभावना
मौसम विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का असर झारखंड व बिहार के इलाकों में प्रभावी रहेगा। इससे सटे सरगुजा संभाग में इसका प्रभाव में आएगा। इसके चलते गुरूवार को सरगुजा संभाग में बादल छाएंगे और दोपहर बाद इलाके में कहीं कहीं गरज-चमक के साथ बौछार पड़ेगी। शुक्रवार को विक्षोभ की सक्रियता ज्यादा प्रभावी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने दोनों दिन के लिए यलो अलर्ट जारी किया है।