दुर्ग। दुष्कर्म के एक मामले में न्यायालय ने आरोपित युवक को दस साल कारावास की सजा सुनाई है। प्रकरण के मुताबिक पीड़िता कक्षा दसवीं में पढ़ती है। प्रकरण के मुताबिक 21 सितंबर 2018 को पीड़िता के स्वास्थ्य में गिरावट आने पर उसे उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया।
जहां जांच के बाद डाक्टर ने बताया कि पीड़िता तीन माह चार दिन की गर्भ से है। पूछताछ में पीड़िता ने परिवार के सदस्यों को बताया कि ठगडा नहर बस्ती में रहने वाला पिंटू यादव ने बहला फुसलाकर शादी का प्रलोभन देकर उसके साथ दुष्कर्म किया।
इस संबंध में किसी को भी बताने पर जान से मारने की धमकी भी दी थी। पीड़िता के पिता की शिकायत पर पदमनाभपुर पुलिस चौकी ने पिंटू यादव के खिलाफ धारा 376,506 बी,लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर प्रकरण सुनवाई के लिए न्यायालय में पेश किया।
न्यायालय में सुनवाई के दौरान शासन की ओर से मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक राजेश कुमार साहू ने की। न्यायालय ने सुनवाई के बाद प्रकरण के आरोपित पदमनाभपुर दुर्ग निवासी पिंटू यादव को लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के तहत दस वर्ष कारावास और पांच हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई है।
न्यायालय ने पांच सौ रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया सूने मकान का ताला तोड़कर नगदी व जेवरात की चोरी परिवार शादी में शामिल होने गया, और अज्ञात आरोपितों ने घर पर हाथ साफ कर दिया। नेवई पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
एचएससीएल कालोनी स्टेशन मरोदा निवासी लोकेश्वर साहू के हवाले से नेवई पुलिस ने बताया कि 21 फरवरी को वह अपनी पत्नी महेश्वरी साहू के साथ शादी कार्यक्रम में शामिल होने सुपेला गया हुआ था। उसकी दोनों बेटी सोने के लिए अपनी मौसी के घर उसी मोहल्ले एचएससीएल कालोनी में गई थी।
मंगलवार सुबह जब दोनों बेटी घर आई तो दरवाजा का ताला टूटा हुआ पाया। आलमारी में रखे नगदी आठ हजार रुपये सोने चांदी के जेवरात गायब थे। पुलिस अज्ञात आरोपितों के खिलाफ धारा 380, 457 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है।