पद्मश्री से सम्मानित असम की गांधीवादी शकुंतला चौधरी का 102 साल की उम्र में निधन

एक बड़ी दुखद खबर सामने आई है। पद्मश्री से सम्मानित असम की 102 वर्षीय गांधीवादी शकुंतला चौधरी का निधन हो गया है। वह लंबे वक्त से कई बीमारियों से जूझ रही थी। पिछले 10 वर्षों से उनका इलाज चल रहा था। रविवार देर रात उन्होंने अपने जीवन की अंतिम सांसे ली। यह जानकारी दशकों से असम के सरनिया आश्रम में उनके साथ रह रहे कार्यवाहक ने दी। ‌उन्होंने कहा, ‘उनके शुभचिंतकों को श्रद्धांजलि देने के लिए उनके शव को आश्रम में रखा गया है और उनका अंतिम संस्कार आज नबग्रहा श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा।’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीवादी शकुंतला के निधन पर जताया शोक

पद्मश्री से सम्मानित गांधीवादी शकुंतला चौधरी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने अपने ट्विटर हैंडल पर ट्वीट कर कहा, ‘शकुंतला चौधरी जीगांधीवादी मूल्यों को बढ़ावा देने के उनके आजीवन प्रयासों के लिए याद किया जाएगा। सरानिया आश्रम में उनके नेक काम ने कई लोगों के जीवन को सकारात्मक रूप से प्रभावित किया है।’

प्रधानमंत्री ने आगे कहा, ‘उनके निधन से दुखी हूं। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और अनगिनत प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति।’

असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वकर्मा ने ट्वीट कर कहा

असम के मुख्यमंत्री हेमंत विश्वकर्मा ने गांधीवादी शकुंतला चौधरी के निधन पर ट्वीट कर कहा, ‘अनुभवी गांधीवादी और पद्मश्री शकुंतला चौधरी के निधन पर गहरा दुख हुआ।’ उन्होंने आगे कहा, ‘उनका जीवन सरानिया आश्रम, गुवाहाटी में निस्वार्थ सेवा, सत्य, सादगी और अहिंसा के लिए समर्पित था, जहां महात्मा गांधी 1946 में ठहरे थे। उनकी सद्गति ओम शांति के लिए मेरी प्रार्थना!’

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