विगत कई वर्षो से दन्तेवाड़ा जिले को जैविक जिला घोषित किया जा चुका है तथा पूरे जिले में रासायनिक खाद का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित किया जा चुका है। इसलिए एनएमडीसी बचेली, अपने परियोजना के निकटतम ग्रामों के किसानों को जैविक खाद का उपयोग के महत्व को समझाने तथा उसे बढ़ावा देने का प्रयास कर रही है। इस संबंध में एनएमडीसी बचेली, ने अपने परियोजना के निकटतम ग्रामों के ग्रामीण किसानों को ग्राम बड़े कमेली में एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें निकटतम ग्रामों जैसे बड़े कमेली, पाढ़ापुर, बडे़ बचेली, पोरोकमेली इत्यादि के 15 से 20 कृषकों को 30 वर्मी कम्पोस्ट बैग प्रदाय किए गए हैं तथा उन बैगों की स्थापना एवं उपयोग करने हेतु कृषकों को एक दिवसीय प्रशिक्षण भी दिया गया, इस संबंध में कृषकों को वर्मी कम्पोस्ट बैग उनके खेतों के समीप स्थापित कर उनमेें वर्मी कल्चर के माध्यम से जैविक खाद का उत्पादन करने की सम्पूर्ण जानकारी दी गई ।

कृषि विभाग दंतेवाड़ा के विशेषज्ञों तथा एनएमडीसी, बचेली की सीएसआर टीम द्वारा प्रशिक्षण में उपरोक्त कृषकों को जैविक खेती के बारे में जानकारी प्रदान करना और कृषि-बागवानी में वर्मी कम्पोस्ट का महत्व, वर्मी कल्चर को तैयार करना एवं वर्मीवॉष के महत्व को विस्तारपूर्वक से समझाया गया।

एनएमडीसी के इस प्रयास में सहायता करने के लिए जिला प्रशासन कृषि विभाग से जैविक खाद उत्पादन हेतु वर्मीकम्पोस्ट की 30 बैग निःशुल्क प्रदान किए गए हैं। इस पहल का उद्देश्य वर्मी कम्पोस्ट बैग स्थापित कर जैविक खाद का उत्पादन कर कृषकों द्वारा लगाये गई फसलों को अधिक गुणवत्ता मिल सकेगी तथा फसलोें के उत्पादन में वृद्वि हो सकेगी।
उपरोक्त योजना में कृषि विभाग दंतेवाड़ा व जिला प्रशासन, दंतेवाड़ा द्वारा दिए गए सहयोग के लिए एनएमडीसी बचेली, द्वारा धन्यवाद दिया है।