परेशान सब्जी व्यापारी प्रशासन के भरोसे
सक्ती-शक्ति शहर में नगर पालिका को विगत अनेकों दशकों से प्रति वर्ष राजस्व के रूप में एक बड़ी आमदनी देने वाली दैनिक प्रातः कालीन सब्जी बाजार की समस्या आज पर्यंत तक परेशानी का सबब बनी हुई है,पूर्व में सब्जी बाजार का इतिहास देखा जाए तो रेलवे स्टेशन के सामने यह बाजार लगता था,जिसे रेल यात्रियों की तकलीफों को देखते हुए बाद में वार्ड क्रमांक-18 स्टेशन पारा में शिफ्टिंग किया गया, उसके बाद यह बाजार प्रशासन एवं सब्जी व्यापारियों के आपसी समन्वय से शहर के बाराद्वार रोड में मुक्तिधाम के पास लगना प्रारंभ हुआ तथा सब्जी बाजार को लेकर स्थानीय नगर पालिका प्रशासन द्वारा भी वर्षों से व्यवस्थित बाजार देने की बातें कही जाती रही, किंतु जनप्रतिनिधियों के इन प्रयासों को विगत वर्ष गति मिली जब सब्जी व्यापारियों को शहर से लगभग 6 किलोमीटर की दूरी पर नेशनल हाईवे से लेकर ग्राम पंचायत- पोरथा डोंगिया की जमीन पर स्थापित किया गया
जहां सब्जी व्यापारियों के लिए जगह आवंटित की गई थी, उस जगह पर स्थानीय विधायक एवं छत्तीसगढ़ विधानसभा के अध्यक्ष डॉ चरणदास महंत की मौजूदगी में सब्जी मंडी का लोकार्पण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया, किंतु उपरोक्त जगह भी मूलभूत सुविधाओं एवं व्यवस्था को लेकर सब्जी व्यापारियों की आंखों में खटकती रही एवं इन परेशानियों को देखते हुए वर्तमान में शक्ति शहर का दैनिक प्रातः कालीन सब्जी बाजार सप्ताह में कुछ दिन अपने पुराने स्थान मुक्तिधाम के पास लग रहा है, तो कुछ दिन डोंगिया के पास नेशनल हाईवे पर लग रहा है, तथा सूत्रों की माने तो इस अव्यवस्था का जिम्मेदार आखिर में कौन है, क्या प्रशासन इस सब्जी बाजार की स्थाई व्यवस्था को लेकर कोई ठोस दिशा- दिशा निर्देश नहीं दे पा रहा है, या की सब्जी व्यापारियों में ही आपसी समन्वय की कमी के चलते यह स्थिति निर्मित हो रही है,किंतु इन सभी से ऐसा लगता है कि प्रशासन भी दूरी बनाए हुआ है, तो वही दबी जुबान से शक्ति शहर के ही कुछ व्यापारी भी इस अव्यवस्था के प्रति नाराजगी व्यक्त करते हुए अपनी पीड़ा प्रकट कर रहे हैं, तथा उनका कहना है कि आज सप्ताह में 7 दिन होते हैं, किंतु सब्जी व्यापारियों को यह नहीं मालूम कि मुक्तिधाम के पास कौन-कौन से दिन सब्जी बाजार लगेगा, और डोंगिया के नेशनल हाईवे के पास कौन-कौन दिन सब्जी बाजार लगेगा
जिसके चलते सब्जी बाजार में आने वाले आसपास के व्यापारियों के साथ-साथ ग्राहकों को भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, तथा आखिर में ऐसी कौन सी स्थिति निर्मित हो गई है कि प्रशासन स्थाई रूप से सब्जी बाजार की व्यवस्था नहीं कर पा रहा है,उल्लेखित हो कि क्षेत्र के सब्जी व्यापारी इन बातों को लेकर बेहद परेशान हैं,किंतु प्रशासन एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों को चाहिए कि आपस में सब्जी व्यापारियों एवं प्रशासन के बीच समन्वय स्थापित कर इस व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए

उल्लेखित हो की शक्ति का प्रातः कालीन दैनिक सब्जी बाजार विगत वर्षों नगर पालिका की आमदनी का एक बड़ा स्रोत था, प्रतिवर्ष इन सब्जी बाजारो की नीलामी की जाती थी, जिससे लाखों रुपए राजस्व के रूप में प्राप्त होता था, किंतु आज इस अव्यवस्थित सब्जी बाजार के चलते नगरपालिका की यह प्रतिवर्ष आने वाली राजस्व आमदनी भी इससे दूर हो चली है, तो वहीं दूसरी ओर कुछ सब्जी व्यापारियों का कहना है कि डोंगिया नेशनल हाईवे के पास उनके द्वारा जो सब्जी बाजार लगाया जा रहा है, वहां कुछ लोगों द्वारा अवैध रूप से भारी वसूली प्रतिदिन की जाती है, जिसके चलते वे परेशान हैं तथा वहां अपना व्यापार नहीं करना चाहते