दुर्ग। चिल्हर बाजार में इन दिनों सब्जियों के दाम आसमान छू रहे हैं। करेला 100 रुपये प्रति किलो और भिंडी 80 रुपये प्रति किलो की दर से बिक रहा है। सेमी और प्याज भाजी की कीमत भी 70 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है। टमाटर को छोड़कर अन्य सब्जियों के दाम भी 50 रुपये प्रति किलो से अधिक है। सब्जियों के दाम बढ़ने के पीछे वजह पिछले दिनों मौसम में आए बदलाव को बताया जा रहा है। लोकल बाड़ियों में भी सब्जी की आवक कम हो रही है।
जनवरी महीने में मौसम खराब होने के साथ ही दो दिन तक लगातार बारिश हुई। आसमान पर पांच दिनों तक बादल छाया रहा। बेमौसम बारिश और आसमान पर निरंतर छाए बादलों की वजह से सब्जी की अधिकांश फसल खराब हो गई। जिसका असर उत्पादन पर भी देखने को मिला है। बारिश होने और बादल छाए रहने के कारण सब्जी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा था। सब्जी फसलों में कीड़ो का प्रकोप लग गया था। टमाटर, लौकी, करेला,भिंडी, बरबट्टी, केला सहित अन्य सब्जी फसलों का उत्पादन करीब 50 से 55 फीसद तक प्रभावित हो गया। भारी नुकसान के चलते लोकल बाड़ियों में इन दिनों सब्जी की आवक कम हो गई है। जिसका असर इसकी कीमतों पर देखने को मिल रहा है। चिह्लर बाजार में महीने भर पहले 40 रुपये प्रति किलो की दर से बिकने वाला करेला इन दिनों 100 रुपये प्रतिकिलो की दर से बिक रहा है। भिंडी 80 रुपये प्रतिकिलो,सेमी और प्याज भाजी 70 रुपये प्रतिकिलो की दर से बिक रहा है। गोभी 50 रुपये प्रतिकिलो और धनिया की कीमत 70 रुपये प्रतिकिलो तक पहुंच गई है।
33 हजार हेक्टेयर में ली गई है रवि फसल
जिले में 33 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में रवि फसल लगाई गई है। जिसमें चना, गेहूं, तिवड़ा व सब्जी की फसल शामिल है। बेमौसम बरसात की वजह से सब्जी फसल के साथ साथ चना, गेहूं और तिवड़ा फसल को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
मोहलई के किसान कृष्णा देवांगन ने बताया कि सब्जी की नई फसल आने में अभी महीने भर का समय है ऐसे में बाजार में सब्जी की कीमतों में तेजी बनी रहेगी। महीने हुई बारिश व आसमान पर निरंतर बादल छाए रहने की वजह से अधिक किसानों की सब्जी फसल को भारी नुकसान पहुंचा था इस कारण लोकल बाड़ियों में सब्जी की आवक नहीं है।