फिर मंडराया केदारनाथ जैसी तबाही का खतरा, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

देहरादून: उत्तराखंड के किन्नौर जिले में 9 फरवरी को सर्वाधिक हिमपात के साथ-साथ अब ग्लेशियर के गिरने का संकट भी हो सकता है. जिला प्रशासन ने संकट को देखते हुए अलर्ट जारी किया है. साथ-साथ स्थानीय व्यक्तियों एवं यहां आए सैलानियों से सतर्क रहने का आग्रह किया है. बता दें कि फरवरी से अप्रैल महीने तक जिले के नदी-नालों व पहाड़ियों पर ग्लेशियर गिरने का सबसे ज्यादा संकट बना रहता है.

वही डीसी किन्नौर आबिद हुसैन सादिक ने खबर देते हुए बताया कि जिले में 9 फरवरी को सर्वाधिक हिमपात के साथ-साथ ग्लेशियर गिरने का अंदाजा मौसम विभाग केंद्र शिमला द्वारा लगाया गया है. उन्होंने बताया कि किन्नौर में अब नदी-नालों सहित पहाड़ों से ग्लेशियर गिरने का अनुमान बना हुआ है. ऐसे मे स्थानीय लोगों सहित पर्यटक ऊंचाई वाले इलाकों सहित नदी-नालों के पास न जाए. विशेष रूप से जिले के पागल नाला, रल्ली नाला, भगत नाला, सांगला, छितकुल के आसपास वाले नालों में जाने से परहेज करें. क्योंकि इन सभी नालों में प्रत्येक वर्ष ग्लेशियर गिरते हैं. ऐसे में लोग एहतियात बरतें, जिससे किसी भी प्रकार की हानि न हो.

आपको बता दें कि किन्नौर में फरवरी महीने के पश्चात् निरंतर ग्लेशियर गिरने के अतिरिक्त पहाड़ों से चट्टान खिसकने, भूस्खलन होने का सिलसिला जारी रहता है, जिसमें लोगों के जान-माल की हानि भी हो सकती है. जिले में 6 व 7 फरवरी को करछम, टापरी, चोलिंग मे पहाड़ों से चट्टान गिरने से दो व्यक्तियों को गंभीर छोटे भी आई हैं. ऐसे मे प्रशासन बर्फबारी से पहले ही व्यक्तियों को अलर्ट कर रहा है.

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *