अकलतरा की सहारा खाताधारक राजदुलारी अग्रवाल को सहारा कंपनी द्वारा लौटानी होगी फिक्स डिपाजिट की जमा राशि

जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर चांपा ने दिए सहारा कंपनी को जमा राशि ब्याज सहित लौटाने के आदेश

अकलतरा की राजदुलारी अग्रवाल ने सहारा कंपनी की सहारा माइनर योजना के अंतर्गत की थी फिक्स डिपाजिट

दो अलग-अलग मामलों में जिला उपभोक्ता आयोग ने दिया खाताधारक के पक्ष में फैसला

सक्ती-जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर चांपा ने सहारा खाताधारक के पक्ष में एक महत्वपूर्ण निर्णय देते हुए सहारा कंपनी को खाताधारक द्वारा सहारा माइनर योजना के अंतर्गत फिक्स्ड डिपॉजिट की गई राशि को ब्याज सहित एवं क्षतिपूर्ति सहित लौटाने के आदेश दिए हैं

जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा की राजदुलारी अग्रवाल पति सतीश कुमार अग्रवाल उम्र-49 वर्ष ने सहारा इंडिया की बिलासपुर शाखा शिव टॉकीज के पास से सहारा माइनर योजना अंतर्गत दिनांक- 12 जुलाई 2012 को 74000/- फिक्स डिपाजिट किया था, जिसकी परिपक्वता अवधि 12 जुलाई 2020 की थी, परिपक्वता अवधि पूर्ण होने के बावजूद खाताधारक को जमा राशि का भुगतान नहीं किया गया, जिस पर खाताधारक ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से 6 मार्च 2021 को नोटिस देकर परिपक्वता राशि का भुगतान करने कहां था, एवं खाताधारक ने जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर चांपा में उपरोक्त मामले के संबंध में अपनी याचिका लगाई, जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर-चांपा ने प्रकरण क्रमांक सी सी 2021/109 प्रस्तुति दिनांक- 1 अप्रैल 2021 पर अध्यक्ष तजेश्वरी देवांगन,सदस्य मनरमन सिंह,  मंजूलता राठौर ने 24 जनवरी 2022 को याचिका पर निर्णय देते हुए कि कंपनी को संबंधित खातेदार की जमा की गई मेच्योरिटी राशि 193288/-स्कीम के नियमानुसार मय ब्याज आदेश दिनांक से 45 दिन के अंदर भुगतान करने एवं पक्षकार को क्षतिपूर्ति राशि के रूप में 3000/- भी 45 दिन के अंदर प्रदान करने के आदेश जारी किए हैं

वही 24 जनवरी को ही इसी तरह एक अन्य मामले में जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर-चांपा द्वारा आवेदक राजदुलारी अग्रवाल पति सतीश कुमार अग्रवाल उम्र 49 वर्ष निवासी अकलतरा द्वारा दाखिल एक अन्य याचिका पर भी अपना फैसला देते हुए जिला उपभोक्ता आयोग जांजगीर चांपा की अध्यक्ष तजेश्वरी देवी देवांगन, सदस्य मनरमन सिंह एवं मंजूलता राठौर ने खाताधारक द्वारा सहारा माइनर योजना अंतर्गत 4 जून 2012 को जमा किए गए 13000 एवं 12000 के अलग-अलग फिक्स डिपाजिट जिसकी परिपक्वता अवधि 4 जून 2020 की थी, परिपक्वता अवधि पूर्ण होने के बावजूद भुगतान नहीं किए जाने पर संपूर्ण मामले की सुनवाई करते हुए 24 जनवरी 2022 को निर्णय देते हुए कंपनी को पक्षकार के जमा कुल मैच्योरिटी राशि 65300/- को मय ब्याज सहित 45 दिन के अंदर भुगतान करने एवं क्षतिपूर्ति राशि 3000/-45 दिनों के अंदर देने का आदेश दिया है

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