जिले में बढ़ रहे कोरोना के मरीज उसके बाद भी लापरवाही क्यों
कबीरधाम में भी अब कोरोना के मरीज लगातार बढ़ रहे है कल 39 नए कोरोना के केस मिले ,लगातार अब हर वर्ग को कोरोना अपनी चपेट में ले रहा है बच्चें बूढ़े जवान सभी इसके शिकार हो रहे है लेकिन इसके बावजूद कवर्धा जिले के लगभग 100 से अधिक छात्रवासों में जिले के अधिकारी अब तक कोरोना से बचाव के सामग्री उपलब्ध नही करा पा रहे है और न ही उन बच्चों की उनको फिक्र है अधिकांश जगहों पर सेनेटाइजर, मास्क का अभाव देखा गया है बच्चों को उचित दूरी कोरोना से बचने के उपाय संबधित जानकारी क्यों नही दे रहे है आखिर क्यों कोरोना को लेकर जिले के अधिकारी गंभीर नही है जबकि हम सब कोरोना से होने वाली त्रासदी को देख चुके है उसके बावजूद इतनी बड़ी लापरवाही समझ से परे है।
कही लापरवाह अधिकारी की लापरवाही भारी न पड़ जाए
कबीरधाम में अभी तक स्थिति में लगभग 162 मरीज है लगातार प्रदेश से लेकर जिले में कोरोना फैल रहा है लेकिन शायद सहायक आयुक्त टंडन इन छात्रवास के बच्चों की सुध नहीं ले रहे है जो की कभी भी बड़ी गंभीर स्थिति पैदा हो सकती है आखिर इस तरह लापरवाही क्यों ये बड़ा गंभीर सवाल है क्या इन हजारों बच्चों को बिना कोरोना बचाव सामग्री के यू ही लापरवाही पूर्वक छोड़ना कहा तक सही है कही इनकी लापरवाही से कोरोना बढ़ ना जाए ।
आखिर क्यों जिले के सहायक आयुक्त टंडन गंभीर नही
जिले के आदिम जाति कल्याण विभाग के अधिकारी सहायक आयुक्त टंडन इन मामले को लेकर गंभीर नही है क्यों छात्र वासों का दौरा कर संज्ञान नही ले रहे जबकि जिले में कोरोना गंभीर रूप ले सकती है आखिर लापरवाही की भी हद होती है कही ये लापरवाही इन बच्चों के लिए मुसीबत न बन जाए अब देखना ये है की आखिर कब जिले के अधिकारी इस लापरवाही को दूर कर गंभीर स्थिति आने से रोकते है या फिर यू ही कोरोना को आमंत्रित करते है
पोंड़ी छात्रावास के सामने शराब की बोतल और डिस्पोजल
पोंड़ी छात्रावास के सामने भारी मात्रा में शराब की बोतल और डिस्पोजल काफी मात्र में पड़ा हुआ है इसका मतलब यहां शराबियों का जमावड़ा रहता है लेकिन अधिकारी इन छात्र वास का जायजा क्यों नही लेते क्यों इन्हे ये सब गन्दगी नजर नही आती है आखिर इन शराबियों के चलते कही कोई गंभीर स्थिति निर्मित न हो जाए कुलमिलाकर विभाग द्वारा लापरवाही बरतते हुए देखा जा सकता है।
निजी और सरकारी स्कूलों में भी कोरोना के बचाव सामग्री का अभाव
जिले के सभी निजी एवम सरकारी स्कूलों में अधिकतर जगहों पर लापरवाही बरत रहे है कही भी कोरोना को गंभीरता से नही ले रहे कही इसका खामियाजा न भुगतना पड़ जाए स्कूल में कोरोना से बचाव के सामग्री उपलब्ध नही है आखिर इतनी बड़ी लापरवाही क्यों कही ये लापरवाही गंभीर स्थिति न पैदा कर दे जिले के अधिकारियों को इनका जायजा लेना चाहिए देखना चाहिए की आखिर बच्चों का सेहत का सवाल है गंभीर स्थिति से निपटने गंभीर होना पड़ेगा जो की शायद फिलहाल जिले के आदिमजाति विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारी गंभीरता नही दिखा रहे अब देखना ये है की आखिर कब व्यस्था सुधारने की दिशा में काम होता है ।