सामाजिक अधिकारों की जागरूकता के लिए कार्य करने वाली निवेदिता फाउंडेशन की प्रमुख शिप्रा देवी का हुआ निधन

12 जनवरी की रात्रि उड़ीसा प्रदेश के भुनेश्वर में उपचार के दौरान हुआ निधन

शक्ति अंचल में दशकों से लोगों को उनके अधिकारों के प्रति कर रही थी जागरुक करने का कार्य

सक्ती- शक्ति शहर सहित पूरे अंचल में विगत अनेकों वर्षों से निरंतर ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने की दिशा में सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में कार्य करने वाली प्रतिष्ठित निवेदिता फाउंडेशन की प्रमुख शिप्रा देवी का 12 जनवरी 2022 को उड़ीसा प्रदेश के भुनेश्वर शहर में उपचार के दौरान आकस्मिक निधन हो गया

शिप्रा देवी विगत एक दशक पूर्व उड़ीसा से अपने परिवारजनों तथा अन्य सदस्यों के साथ शक्ति आकर निवेदिता फाउंडेशन की स्थापना कर सामाजिक संस्था के रूप में कार्य कर रही थी, तथा इनके द्वारा समय-समय पर ग्रामीण तथा शहरी इलाकों में विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया जाता था, साथ ही लोगों को उनके अधिकारों के प्रति भी सजग एवं तत्पर बनाने की दिशा में पहल की जाती थी, शिप्रा देवी काफी लोकप्रिय,मिलनसार एवम प्रखर व्यक्तित्व की धनी महिला थी, तथा विगत दिनों ही उन्होंने शहर के गिरिराज रैन बसेरा में संयुक्त रूप से अंचल के प्रिंट मीडिया व इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के साथियों के साथ एक चर्चा- परिचर्चा में कार्यक्रम का आयोजन कर एक सकारात्मक पहल की थी, तथा शिप्रा देवी का मानना था कि आज जिस क्षेत्र में उनकी संस्था काम कर रही हैं, उस क्षेत्र में मीडिया की भी अहम भूमिका है तथा उनके कार्य कार्यों को मीडिया अपने अनुसार प्रचारित एवं प्रसारित करें जिससे लोगों को इसका लाभ मिल सके

शिप्रा देवी उड़ीसा प्रदेश के भी विभिन्न क्षेत्रों में सक्रियता के साथ वर्षों से सामाजिक अधिकारों के लिए काम कर रही थी, एवं शक्ति शहर के स्टेशन पर वार्ड क्रमांक- 17 में निवेदिता फाउंडेशन का एक स्थाई रूप से कार्यालय था, जहां वे अपने सदस्यों के साथ निरंतर लोगों को जागरूक करने की दिशा में कार्य कर रही थी, शिप्रा देवी के निधन के समाचार से जहां लोगों ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है

   

तो वहीं उनके निधन से शक्ति अंचल में सामाजिक अधिकारों के प्रति जागरूक करने वाले एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता की कमी कभी पूरी नहीं हो सकती तथा निवेदिता फाउंडेशन द्वारा शासन- प्रशासन के कार्यों में भी निरंतर सक्रियता के साथ भागीदारी कर अपना सहयोग प्रदान किया जाता था, एवं इस सक्रियता के चलते शिप्रा देवी को पुलिस विभाग एवं अन्य सरकारी समितियों में भी बतौर सलाहकार के रूप में जिम्मेदारियां दी गई थी, शिप्रा देवी सदैव यही कहती थी कि ईश्वर ने उन्हें लोगों की सेवा के लिए भेजा है तथा आज छोटी-छोटी बातों के लिए हम सभी अपने घरों में परेशान रहते हैं, किंतु इन परेशानियों को दूर करने के लिए हम थोड़ी सी समझ से ही उसे बेहतर बना सकते हैं

शिप्रा देवी अपनी बड़ी बहन संध्या देवी,पूर्णो चंदा,भोपा एवं अन्य सदस्यों के साथ उड़ीसा राज्य के कालाहांडी एवं छत्तीसगढ़ के क्षेत्र में वर्षो से काम कर रही थी, तथा शिप्रा देवी महिलाओं के मुद्दों एवं लोगों को जागरूक करने की दिशा में काफी सक्रिय थी, एवं वे उड़ीसा प्रदेश के खुर्दा के बानपुर इलाके में एकता परिषद की भी विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से शामिल रहती थी

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