प्रदेश में तीसरी लहर की आशंका तेज हो गई है। यहां कोरोना संक्रमण तेजी से पांव पसार रहा है। इसकी जद में अब तक 15 फीसद बच्चे आ चुके हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक राजधानी में 1000 से अधिक होम आइसोलेशन मरीजों में 150 से अधिक संक्रमित मरीजों की आयु 18 वर्ष से कम है। यानी 15 फीसद से अधिक मरीज बच्चे हैं। राजधानी में दूसरी लहर की स्थिति पर गौर करें तो 9000 से अधिक बच्चे कोरोना पाजिटिव पाए गए थे। ऐसे में चिकित्सा विशेषज्ञों ने बच्चों को लेकर भी विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों ने बताया कि संक्रमित बच्चों के इलाज के लिए आयुर्वेद अस्पताल में विशेष यूनिट तैयार है। 60 आइसीयू समेत 300 बिस्तरों के इस अस्पताल में सामान्य के साथ ही गंभीर संक्रमित बच्चों के इलाज की व्यवस्था की गई है।
अस्थायी कोविड अस्पताल आज से शुरू
कलेक्टर सौरभ कुमार ने कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार के लिए फुंडहर व उपरवारा नवा रायपुर में बनाए गए अस्थायी कोविड अस्पताल का निरीक्षण किया। बता दें कि फुंडहर में 300 बिस्तरों का कोविड अस्पताल बनाया गया है। यह संक्रमित मरीजों को आज जनवरी से रखना प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसी तरह आयुष यूनिवर्सिटी उपरवारा के विंग-ए और विंग-बी में 230-230 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। यहां कोरोना मरीजों के लिए मेडिकल आक्सीजन के दो प्लांट स्थापित किए गए है। इसमें विंग-ए में स्थापित आक्सीजन प्लांट 1000 लीटर प्रति मिनट व विंग बी में 2800 लीटर प्रति मिनट आक्सीजन उत्पादन करेगा।