रायपुर। छत्तीसगढ़ में बेमौसम बारिश की वजह से राज्य में धान खरीदी प्रभावित हुई थी, लेकिन अब फिर से खरीदी केंद्रों में किसानों की चहल-पहल बढ़ गई है। धान की आवक भी बढ़ गई है। राज्य में अब तक 14 लाख किसानों से 54.20 लाख टन धान की खरीदी हो चुकी है।
खाद्य सचिव टोपेश्वर वर्मा ने बताया कि राज्य के 2,484 उपार्जन केंद्रों से समर्थन मूल्य पर की जा रही धान खरीदी की नियमित रूप से मानिटरिंग की जा रही है। मैदानी अमलों को यह निर्देश दिए गए हैं कि धान खरीदी कार्य में किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होनी चाहिए। सभी खरीदी केंद्रों में बारिश से धान को सुरक्षित रखने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम के लिए कहा गया है।
खाद्य सचिव ने बताया कि राइस मिलरों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 120 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है। इसके अलावा किसानों के पुराने बारदाने के लिए 25 रुपये दी जा रही है। इससे राज्य में पिछले वर्षों की तुलना में इस बार कस्टम मिलिंग के लिए तेजी से धान का उठाव हो रहा है।
इस वर्ष केंद्रीय पुल में 61.65 लाख टन धान जमा कराया जाना है। इसे देखते हुए रेलवे के रेक मूहमेंट पर लगातार निगरानी रखी जा रही है जिससे समय पर केंद्रीय पुल के लिए निर्धारित चावल जमा कराया जा सके।
चावल के परिवहन में तेजी लाने के निर्देश
चावल के परिवहन में तेजी लाने को लेकर मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से अफसरों की बैठक ली। मुख्य सचिव ने कस्टम मिलिंग के लिए अनुबंधित मिलो की पूरी मिलिंग क्षमता के साथ धान की मिलिंग करने और एफसीआइ के निर्धारित रैक पाइंट तक पहुंचाने के निर्देश दिए है।