संसद का शीतकालीन सत्र: यूं तो संसद का शीतकालीन सत्र 23 दिसंबर तक चलाना था, लेकिन विपक्ष के अड़ियल रवैये के कारण दोनों सदनों की कार्रवाई एक दिन पहले ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस पूरे सत्र के दौरान विपक्ष दो मुद्दों पर को लेकर हंगामा करता रहा। पहला – राज्यसभा के 12 सदस्यों का निलंबन वापस हो और दूसरा- लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी का इस्तीफा हो। विपक्ष रोज हंगामा करता रहा और सदन में कोई काम नहीं हो पाया। अब लोकसभा स्पीकर ओम बिड़ला प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे।
सरकार की पहल का नहीं हुआ कोई असर
सरकार ने गतिरोध समाप्त की हर संभव कोशिश की, लेकिन विपक्ष अड़ा रहा। 12 सदस्यों का निलंबन वापस लेने के मामले में सरकार ने शर्त रखी कि सदस्य माफी मांग लें तो बहाली संभव है, लेकिन विपक्ष ने ऐसा नहीं किया। विपक्षी नेताओं का कहना है कि उनके नेताओं ने जो गलती की ही नहीं, उसकी माफी क्यों मांगे। विपक्ष लगातार कहता रहा कि निलंबन की कार्रवाई नियमों को दरकिनार करके की गई है।