दंतेवाड़ा । छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में ग्रामीण एवं जनजातीय पर्यटन को नई पहचान मिलने की उम्मीद जगी है। दंतेवाड़ा जिले के झिरका गांव में पहली बार डेनमार्क के चार पर्यटक पहुंचे। विदेशी मेहमानों ने यहां की प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति, पारंपरिक खानपान और ग्रामीण जीवनशैली को करीब से जाना।
ग्रामीणों से सोमवार को मिली जानकारी के अनुसार, डेनमार्क से आए चार पर्यटक बीते 30 अक्टूबर को झिरका गांव पहुंचे थे। गांव में स्थानीय पर्यटन समिति और ग्रामीणों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। विदेशी पर्यटकों के आगमन से स्थानीय लोगों में उत्साह देखने को मिला।
झारालावा जलप्रपात की प्राकृतिक सुंदरता ने किया आकर्षित
झिरका गांव पहुंचने के बाद पर्यटकों ने प्रसिद्ध झारालावा जलप्रपात का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने जलप्रपात और आसपास के प्राकृतिक नजारों का आनंद लिया। साथ ही बस्तर की पारंपरिक संस्कृति, खानपान और ग्रामीण परिवेश के बारे में जानकारी हासिल की।
ग्रामीण पर्यटन को मिलेगी नई पहचान
झिरका गांव में पहली बार विदेशी पर्यटकों के पहुंचने को ग्रामीण पर्यटन की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। इससे क्षेत्र के प्राकृतिक स्थलों और जनजातीय संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
स्थानीय पर्यटन समिति और ग्रामीणों को उम्मीद है कि विदेशी पर्यटकों के इस दौरे से भविष्य में अन्य देशों के पर्यटक भी झिरका गांव और आसपास के पर्यटन स्थलों की ओर आकर्षित होंगे। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है।