प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से रूबरू हुईं छत्तीसगढ़ की महिला उद्यमी हीना, सुनाई आर्थिक आत्मनिर्भरता की कहानी

रायपुर  । छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाएं अपनी मेहनत, हुनर और उद्यमशीलता के दम पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसका प्रेरणादायक उदाहरण गुजरात के एकता नगर में आयोजित भारत पर्व 2026 में देखने को मिला, जहां कोरिया जिले की महिला उद्यमी एवं कोरिया मिलेट्स कैफे की संचालिका श्रीमती हीना को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सीधे संवाद करने का अवसर मिला। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री को छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की सफलता की कहानी बताई।

37 महिलाओं को मिल रहा रोजगार

प्रधानमंत्री से संवाद के दौरान हीना ने बताया कि कोरिया मिलेट्स कैफे आज ग्रामीण महिलाओं की आजीविका और आर्थिक सशक्तिकरण का महत्वपूर्ण केंद्र बन चुका है। इस कैफे से जुड़कर 37 महिलाएं विभिन्न आजीविका गतिविधियों के माध्यम से नियमित आय अर्जित कर रही हैं। बिहान मिशन के सहयोग से महिलाओं ने सामूहिक प्रयासों को उद्यम का रूप दिया है और स्वरोजगार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

मिलेट्स व्यंजनों से देशभर में पहुंच रही छत्तीसगढ़ की पहचान

कोरिया मिलेट्स कैफे में मोटे अनाज यानी श्री अन्न से पौष्टिक और पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन तैयार किए जाते हैं। इससे जहां मिलेट्स के उपयोग और पौष्टिक खानपान को बढ़ावा मिल रहा है, वहीं प्रदेश की समृद्ध खाद्य संस्कृति को भी राष्ट्रीय पहचान मिल रही है।

भारत पर्व में छत्तीसगढ़ के पारंपरिक मिलेट्स व्यंजनों का विशेष स्टॉल लगाया गया है। यहां देशभर से पहुंच रहे पर्यटक और आगंतुक छत्तीसगढ़ के पारंपरिक स्वाद, स्थानीय खाद्य संस्कृति और ग्रामीण महिलाओं की उद्यमशीलता से रूबरू हो रहे हैं।

राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ की महिला शक्ति का सम्मान

गुजरात के एकता नगर में 30 अक्टूबर से 15 नवंबर 2026 तक आयोजित भारत पर्व में देश के विभिन्न राज्यों के शिल्पकार, उद्यमी और स्व-सहायता समूह अपनी कला, हस्तशिल्प, पारंपरिक व्यंजनों और सांस्कृतिक विरासत का प्रदर्शन कर रहे हैं।

इस राष्ट्रीय आयोजन में कोरिया जिले की महिला उद्यमी हीना का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संवाद छत्तीसगढ़ की ग्रामीण महिलाओं के बढ़ते आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन गया है। कोरिया मिलेट्स कैफे की सफलता यह दर्शाती है कि सरकारी योजनाओं, सामूहिक प्रयासों और महिलाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा दी जा सकती है।

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