रायपुर । छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका ने स्काउट्स एवं गाइड्स से पर्यावरण संरक्षण, जल संचयन और वनों की रक्षा के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज हमारे सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है और जल-जंगल को बचाने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। स्काउट्स एवं गाइड्स अपनी ऊर्जा और सेवा भावना के माध्यम से इस दिशा में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
राज्यपाल रमेन डेका गुरुवार को लोकभवन स्थित छत्तीसगढ़ मंडपम में भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ द्वारा आयोजित राज्य पुरस्कार अलंकरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर से चयनित 1122 स्काउट्स, गाइड्स, रोवर्स और रेंजर्स को राज्य पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिक्षा मंत्री एवं भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष गजेंद्र यादव ने की।
समाजसेवा और अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाएं युवा
राज्यपाल ने पुरस्कार प्राप्त करने वाले सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि स्काउट्स एवं गाइड्स का आदर्श वाक्य ‘तैयार रहो’ हमें हर परिस्थिति का सामना करने और अपनी जिम्मेदारियों के प्रति सजग रहने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि पुरस्कार मिलना गर्व की बात है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। सभी प्रतिभागियों को समाजसेवा के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभानी चाहिए और अपने व्यवहार एवं कार्यों से दूसरों के लिए प्रेरणा बनना चाहिए।
राज्यपाल ने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान की सराहना करते हुए कहा कि इस तरह की पहल पर्यावरण संरक्षण को जनआंदोलन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
बस्तर में शांति और विकास की नई संभावनाएं
राज्यपाल डेका ने राज्य पुरस्कार प्राप्त करने के लिए बस्तर क्षेत्र से पहुंचे स्काउट्स एवं गाइड्स की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि नक्सलवाद के खात्मे के बाद बस्तर में शांति स्थापित हुई है और क्षेत्र तेजी से विकास की ओर आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने युवाओं को संदेश दिया कि जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए समय का महत्व समझना, निरंतर प्रयास करना और कठिन परिस्थितियों में भी धैर्य बनाए रखना जरूरी है। कठिन परिश्रम और दृढ़ संकल्प से ही निर्धारित लक्ष्य हासिल किए जा सकते हैं।
स्काउटिंग जीवनभर सेवा की प्रेरणा देती है : शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के नियम और प्रतिज्ञाएं इसके सदस्यों को अनुशासन, सेवा और समर्पण की विशिष्ट पहचान प्रदान करते हैं। स्काउटिंग की वर्दी इन मूल्यों का प्रतीक है और इससे जुड़ा व्यक्ति जीवनभर सेवा भावना के साथ कार्य करता है।
उन्होंने कहा कि राज्यपाल के हाथों प्राप्त सम्मान प्रतिभागियों के लिए यादगार उपलब्धि है। यह उन्हें भविष्य में भी समाजसेवा और राष्ट्र निर्माण के कार्यों में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने प्रदेश के अधिक से अधिक स्काउट्स एवं गाइड्स को राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।
1122 प्रतिभागियों को मिला राज्य पुरस्कार
समारोह में कुल 1122 प्रतिभागियों को राज्य पुरस्कार प्रदान किए गए। इनमें 405 स्काउट्स, 528 गाइड्स, 64 रोवर्स और 125 रेंजर्स शामिल रहे।
स्काउटिंग के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए सर्वश्रेष्ठ स्काउटर योगेश्वर प्रसाद गांगुली (बालोद), सर्वश्रेष्ठ गाइडर तनुजा बंजारे एवं लता वैष्णव (महासमुंद), सर्वश्रेष्ठ रोवर राजमणि बंजारे एवं चंद्रशेखर पंकज, सर्वश्रेष्ठ रेंजर विभूति वर्मा एवं कृति बिजौर, सर्वश्रेष्ठ स्काउट ईश साहू, हरीश कुमार खोटे एवं राजवीर भट्ट तथा सर्वश्रेष्ठ गाइड दिव्या पटेल एवं दीप्ति पटेल को सम्मानित किया गया।
इसके अलावा स्काउटिंग के क्षेत्र में दीर्घकालीन सेवाओं के लिए शैलेंद्र मिश्रा, आनंद राम बघेल, पवन कुमार नायक, विनोद कुमार हथेल, शशि बंछोर और रजनी रेड्डी को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया।
समारोह के दौरान पीपिंग सेरेमनी भी आयोजित की गई, जिसमें लोकभवन में पदस्थ एडीसी उदित पुष्कर (आईपीएस) को रैंक बैज लगाकर सम्मानित किया गया।
वरिष्ठ अधिकारी और संगठन के पदाधिकारी रहे मौजूद
कार्यक्रम में राज्यपाल के सचिव डॉ. सी.आर. प्रसन्ना, शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स छत्तीसगढ़ के राज्य मुख्य आयुक्त इंदरजीत सिंह खालसा, राज्य सचिव अमित कुमार क्षत्रिय, कार्यक्रम प्रभारी शैलेंद्र मिश्रा, राज्य प्रशिक्षण आयुक्त डॉ. पूनम सिंह साहू, राज्य संगठन आयुक्त (गाइड) जलवती साहू, राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड) सरिता पांडे सहित संगठन के पदाधिकारी एवं अधिकारी उपस्थित रहे।