मुंबई । घरेलू शेयर बाजार में मंगलवार को कई क्षेत्रों के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, लेकिन बैंकिंग, वित्तीय और आईटी शेयरों में बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांक मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई का सेंसेक्स 8.08 अंक यानी 0.01 प्रतिशत गिरकर 73,598.67 अंक पर आ गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 3.45 अंक यानी 0.02 प्रतिशत टूटकर 22,749.75 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहा। निवेशकों ने कुछ चुनिंदा क्षेत्रों में खरीदारी की, जबकि प्रमुख बैंकिंग और आईटी कंपनियों के शेयरों में दबाव देखने को मिला। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी नीतिगत फैसले को लेकर सतर्कता ने भी बाजार की दिशा को प्रभावित किया।
कारोबार की शुरुआत गिरावट के साथ
सेंसेक्स मंगलवार को करीब 122 अंक गिरकर 73,484 अंक पर खुला। कारोबार के दौरान यह एक समय गिरकर 73,179 अंक तक पहुंच गया, जबकि खरीदारी के समर्थन से इसने 73,763 अंक का ऊपरी स्तर भी छुआ।
निफ्टी में भी पूरे सत्र के दौरान उतार-चढ़ाव देखने को मिला। हालांकि, कारोबार के अंत में दोनों प्रमुख सूचकांक पिछले बंद स्तर के आसपास ही रहे।
बैंकिंग और आईटी शेयरों ने बढ़ाया दबाव
बाजार में निजी बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और सूचना प्रौद्योगिकी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली का असर प्रमुख सूचकांकों पर पड़ा। बैंकिंग शेयरों में कमजोरी के कारण बाजार में आई खरीदारी का पूरा लाभ नहीं मिल सका।
इसके विपरीत, ऑटोमोबाइल, फार्मा और रियल्टी क्षेत्र के शेयरों में अच्छी खरीदारी हुई। निफ्टी ऑटो सूचकांक करीब 1.48 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 1.91 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी 1.94 प्रतिशत चढ़ा। मीडिया क्षेत्र में भी मजबूत तेजी दर्ज की गई।
कच्चे तेल की कीमतों और फेड के फैसले पर नजर
निवेशकों की नजर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी ब्याज दर संबंधी फैसले पर बनी हुई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 116 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहने से भारत के आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत को लेकर चिंताएं बनी हुई हैं।
इसके अलावा, पश्चिम एशिया में जारी तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार की धारणा को प्रभावित कर रही है। ऐसे माहौल में निवेशक शेयरों में चुनिंदा खरीदारी कर रहे हैं।
प्रमुख सूचकांकों में मामूली गिरावट
मंगलवार के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट सीमित रही, लेकिन क्षेत्रवार प्रदर्शन में स्पष्ट अंतर देखने को मिला। जहां बैंकिंग और आईटी शेयरों ने बाजार पर दबाव बनाया, वहीं ऑटो, फार्मा, रियल्टी और मीडिया शेयरों में खरीदारी ने नुकसान को सीमित रखने में मदद की।
आगे बाजार की दिशा कंपनियों के तिमाही नतीजों, कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक आर्थिक संकेतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले पर निर्भर रह सकती है।