मारुति सुजुकी के निदेशक मंडल ने ओसामु सुजुकी उत्कृष्टता केंद्र फाउंडेशन को दी मंजूरी, विनिर्माण क्षेत्र में कौशल विकास पर रहेगा जोर

नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के निदेशक मंडल ने मंगलवार को ‘ओसामु सुजुकी उत्कृष्टता केंद्र फाउंडेशन’ (OSCOE Foundation) की स्थापना को मंजूरी दे दी। यह फाउंडेशन देश के विनिर्माण क्षेत्र में व्यावसायिक प्रशिक्षण, तकनीकी शिक्षा और कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए काम करेगा।

कंपनी के अनुसार, प्रस्तावित फाउंडेशन का उद्देश्य भारतीय विनिर्माण उद्योग की गुणवत्ता, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को बेहतर बनाना है। इसके माध्यम से जापानी विनिर्माण पद्धतियों, कार्यसंस्कृति और दिवंगत ओसामु सुजुकी की प्रबंधन संबंधी विचारधारा को व्यापक स्तर पर प्रसारित किया जाएगा।

ओसामु सुजुकी के सम्मान में रखा गया नाम

फाउंडेशन का नाम सुजुकी मोटर कॉर्पोरेशन के पूर्व अध्यक्ष ओसामु सुजुकी के सम्मान में रखा गया है। उनका 25 दिसंबर 2024 को निधन हो गया था। भारत में सुजुकी के कारोबार के विस्तार और मारुति सुजुकी की सफलता में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही थी।

ओसामु सुजुकी ने भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग के विकास में योगदान दिया और जापानी विनिर्माण तकनीकों को भारतीय बाजार में लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके नेतृत्व और कार्यदर्शन ने भारत को प्रमुख वाहन विनिर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने में मदद की।

कौशल विकास और तकनीकी प्रशिक्षण को मिलेगा बढ़ावा

फाउंडेशन के माध्यम से विनिर्माण क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और तकनीकी पेशेवरों के कौशल को बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा। इसके तहत व्यावसायिक प्रशिक्षण, तकनीकी कार्यक्रमों, व्याख्यानों, चर्चाओं और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से विभिन्न पहल की जा सकती हैं।

इस पहल का दायरा केवल ऑटोमोबाइल उद्योग तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अन्य विनिर्माण क्षेत्रों में भी जापानी कार्यपद्धतियों और आधुनिक उत्पादन तकनीकों को बढ़ावा देने का लक्ष्य है।

गैर-लाभकारी संस्था के रूप में होगा गठन

कंपनी की नियामकीय सूचना के अनुसार, प्रस्तावित फाउंडेशन को कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के तहत गैर-लाभकारी इकाई के रूप में स्थापित किया जाएगा। इसका नाम और गठन संबंधित नियामकीय मंजूरियों के अधीन होगा।

मारुति सुजुकी इस फाउंडेशन की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक इकाई होगी। इसके लिए एक लाख रुपये की प्रारंभिक चुकता शेयर पूंजी प्रस्तावित है, जिसे 10 रुपये मूल्य के 10,000 इक्विटी शेयरों में विभाजित किया जाएगा।

भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने का लक्ष्य

इस पहल से देश में तकनीकी कौशल विकसित करने, उत्पादन प्रक्रियाओं में सुधार लाने और विनिर्माण क्षेत्र की कार्यक्षमता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। उद्योग जगत में प्रशिक्षित मानव संसाधन की उपलब्धता बढ़ाना और वैश्विक स्तर पर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता मजबूत करना इसके प्रमुख उद्देश्य होंगे।

मारुति सुजुकी की यह पहल कौशल विकास और आधुनिक विनिर्माण पद्धतियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। फाउंडेशन की स्थापना पूरी होने के बाद इसके कार्यक्रमों और प्रशिक्षण गतिविधियों के विस्तार पर नजर रहेगी।

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