मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों की समीक्षा, शिक्षा-स्वास्थ्य और नवाचारों पर रहेगा छत्तीसगढ़ का फोकस

रायपुर । छत्तीसगढ़ में आगामी मुख्य सचिवों के राष्ट्रीय सम्मेलन की तैयारियों को लेकर शुक्रवार को मंत्रालय महानदी भवन में उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। मुख्य सचिव विकासशील की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में राज्य की प्रमुख उपलब्धियों, नवाचारों और विभिन्न विभागों में हुए गुणात्मक सुधारों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की रणनीति पर चर्चा की गई।

बैठक में पिछले राष्ट्रीय सम्मेलन से जुड़े विषयों की समीक्षा की गई। साथ ही एक्शन ट्रैकिंग एंड मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से विभिन्न कार्यों की प्रगति और सुधारों का आकलन किया गया।

शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर विशेष जोर

मुख्य सचिव विकासशील ने संबंधित विभागों के सचिवों को निर्देश दिए कि आगामी राष्ट्रीय सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की उत्कृष्ट पहलों और सकारात्मक परिणामों को प्रमुखता से प्रस्तुत किया जाए। उन्होंने शिक्षा, कौशल विकास, स्वास्थ्य और पोषण जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में किए गए कार्यों की जानकारी निर्धारित समय-सीमा में तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि राज्य की योजनाओं और नवाचारों को ठोस उपलब्धियों के साथ प्रस्तुत किया जाए, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर छत्तीसगढ़ के प्रयासों को प्रभावी पहचान मिल सके।

आंगनबाड़ी केंद्रों में खिलौना बैंक की पहल की सराहना

बैठक में छत्तीसगढ़ के आंगनबाड़ी केंद्रों में संचालित खिलौना बैंक पहल को विशेष रूप से सराहा गया। इस पहल के तहत लोग अपने बच्चों के पुराने खिलौने आंगनबाड़ी केंद्रों में जमा करते हैं। इन खिलौनों का उपयोग बच्चों के मानसिक विकास और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए किया जाता है।

इस पहल के अंतर्गत अब तक एक लाख से अधिक खिलौने एकत्र किए जा चुके हैं। इसे जनभागीदारी के माध्यम से बाल विकास को प्रोत्साहित करने वाली अभिनव पहल के रूप में प्रस्तुत करने पर जोर दिया गया।

विकसित भारत 2047 के लक्ष्यों पर होंगे चार प्रमुख सत्र

राष्ट्रीय सम्मेलन में विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए चार प्रमुख सत्र आयोजित किए जाने की जानकारी बैठक में दी गई। इनमें निम्नलिखित विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा:

  • विकसित भारत के लिए विशिष्ट प्राथमिकताएं और उद्देश्य।
  • आर्थिक विकास तथा राज्य के वित्त को मजबूत बनाने में खनन क्षेत्र की भूमिका।
  • सुशासन में तकनीक का प्रभावी उपयोग।
  • सड़क और अन्य आधारभूत संरचना परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने के लिए नए विचार और बेहतर कार्यप्रणाली।

इसके अलावा स्वास्थ्य एवं पोषण, गैर-कृषि कार्यों में उर्वरकों के दुरुपयोग पर नियंत्रण, प्राकृतिक गैस के उपयोग को बढ़ावा देने और अंतरराज्यीय प्रतिस्पर्धा जैसे विषयों पर भी चर्चा की गई।

बैठक में वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद

बैठक में नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार, खाद्य विभाग की सचिव रीना बाबा साहेब कंगाले, मुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण विभाग के सचिव मुकेश कुमार, वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव रजत कुमार और आवास एवं पर्यावरण विभाग के सचिव अंकित आनंद सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इसके अतिरिक्त कौशल विकास, राजस्व, खेल एवं युवा कल्याण, आदिम जाति, जल संसाधन, स्वास्थ्य और गृह विभाग के सचिवों तथा मुख्यमंत्री के विशेष सचिव एवं आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल ने भी बैठक में भाग लिया।

राष्ट्रीय सम्मेलन के मद्देनजर छत्तीसगढ़ सरकार का जोर राज्य की सफल योजनाओं, नवाचारों और प्रशासनिक सुधारों को तथ्यात्मक एवं प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने पर है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, तकनीक आधारित सुशासन और बुनियादी ढांचे के विकास को राज्य की प्रमुख प्राथमिकताओं के रूप में सामने रखा जाएगा।

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