चांपा की गौठान भूमि को लेकर विवाद गहराया, राधे शक्ति स्पंज आयरन पर फर्जी दस्तावेजों से जमीन हासिल करने के आरोप

तिल्दा-नेवरा। ग्राम पंचायत चांपा की गौठान भूमि को लेकर विवाद गहरा गया है। ग्रामीणों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने राधे शक्ति स्पंज आयरन पर कथित रूप से फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से जमीन अपने नाम कराने का आरोप लगाया है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर कलेक्टर के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया है। वहीं, कंपनी प्रबंधन ने किसी भी तरह के अवैध अतिक्रमण से इनकार करते हुए कहा है कि शासन द्वारा नियमानुसार जमीन आवंटित की गई है।

राजस्व अभिलेखों और भूमि आवंटन की जांच की मांग

ग्राम पंचायत चांपा की गौठान भूमि को लेकर उठे विवाद में कांग्रेस पदाधिकारियों, सरपंच श्रीमती रामकली वर्मा, पंचायत सचिव टेकराम वर्मा, पंचगण, ग्रामीणों और पूर्व सरपंच सुरेश वर्मा ने भूमि आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने राजस्व रिकॉर्ड, पटवारी प्रतिवेदन, कलेक्टर के आदेश और ग्राम पंचायत की अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

पूर्व सरपंच सुरेश वर्मा ने आरोप लगाया कि पटवारी प्रतिवेदन और कलेक्टर के आदेश से संबंधित दस्तावेजों में अनियमितता की गई है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर राजस्व अभिलेखों का सत्यापन कराने की मांग की। उनका कहना है कि यदि फर्जी दस्तावेज या अवैध अतिक्रमण प्रमाणित होता है, तो नियमानुसार कार्रवाई कर गौठान भूमि को मुक्त कराया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने भूमि आवंटन की प्रक्रिया पर उठाए सवाल

विरोध प्रदर्शन में पहुंचे कांग्रेस नेता शैलेश नितिन त्रिवेदी ने भूमि आवंटन की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि गांवों की सुरक्षित जमीन उद्योगों को आवंटित किए जाने के मामलों की गंभीरता से जांच होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विधायक राजस्व मंत्री हैं, इसके बावजूद गांवों की गौठान और सुरक्षित भूमि को लेकर विवाद सामने आना चिंता का विषय है। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की सरकार के दौरान गांव में बड़े स्तर पर गौठान विकसित किया गया था। ऐसे में गौठान की जमीन के उद्योग के लिए आवंटन से जुड़े तथ्यों की जांच आवश्यक है।

उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरपंच पंचायत की ओर से एनओसी जारी किए जाने और प्रस्ताव पारित होने की जानकारी से इनकार कर रही हैं, तो भूमि आवंटन की प्रक्रिया किस आधार पर पूरी की गई? कांग्रेस नेताओं ने संबंधित दस्तावेजों की जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।

गौठान की जमीन पर कब्जा नहीं होने देंगे: बलदाऊ साहू

ब्लॉक कांग्रेस ग्रामीण के अध्यक्ष बलदाऊ साहू ने कहा कि गौठान की जमीन को किसी भी हाल में कब्जे में नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और यदि अनियमितता सामने आती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की।

कांग्रेस पदाधिकारियों और ग्रामीणों ने प्रशासन से गौठान भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा भूमि आवंटन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच कराने की मांग दोहराई।

कंपनी प्रबंधन ने आरोपों से किया इनकार

दूसरी ओर, राधे शक्ति स्पंज आयरन प्रबंधन का कहना है कि कंपनी द्वारा कोई अवैध अतिक्रमण नहीं किया जा रहा है। प्रबंधन के अनुसार, शासन ने नियमानुसार जमीन आवंटित की है।

इस तरह भूमि आवंटन की वैधता और दस्तावेजों को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। फिलहाल, ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

निष्पक्ष जांच के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद

मामले में ग्रामीणों और कांग्रेस पदाधिकारियों ने मांग की है कि राजस्व रिकॉर्ड, पटवारी प्रतिवेदन, कलेक्टर के आदेश तथा पंचायत की एनओसी की जांच कर तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए। यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या फर्जीवाड़ा प्रमाणित होता है, तो संबंधित दोषियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए और शासकीय गौठान भूमि को सुरक्षित रखा जाए।

अब इस विवाद में प्रशासनिक जांच और संबंधित राजस्व दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही भूमि आवंटन की प्रक्रिया तथा लगाए गए आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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