रायपुर । राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु ने युवाओं से बड़े सपने देखने, अपने ज्ञान एवं कौशल को निरंतर विकसित करने और अपनी सफलता को समाज तथा राष्ट्र की सेवा से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवाओं के व्यक्तिगत प्रयास जब सामूहिक और राष्ट्रीय लक्ष्यों से जुड़ते हैं, तभी देश की प्रगति को नई गति मिलती है। राष्ट्रपति राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में नुआखाई जुहार के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। कार्यक्रम में राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय सहित अनेक जनप्रतिनिधि, युवा एवं महिलाएं उपस्थित रहे।
ज्ञान के साथ विनम्रता और सफलता के साथ सेवा-भाव जरूरी
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि युवाओं को जीवन में सीखना कभी बंद नहीं करना चाहिए। उन्हें पुस्तकें पढ़ने, प्रश्न पूछने, नई चीजें सीखने और अपने ज्ञान एवं कौशल को लगातार विकसित करने पर ध्यान देना चाहिए। जीवन में सफलता और असफलता दोनों आती हैं, लेकिन असफलता से निराश होने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना चाहिए।
उन्होंने कहा कि युवाओं को ज्ञान के साथ विनम्रता, महत्वाकांक्षा के साथ नैतिकता और सफलता के साथ सेवा-भाव को जोड़ना चाहिए। उनकी प्रतिभा किसी समस्या का समाधान करे और उनकी उपलब्धियां समाज में सकारात्मक बदलाव लाएं, तभी सफलता सार्थक होगी। राष्ट्र का निर्माण करोड़ों नागरिकों के छोटे-छोटे ईमानदार प्रयासों से होता है। इसलिए प्रत्येक युवा को अपने कार्य में ईमानदारी, निष्ठा और संवेदनशीलता बनाए रखनी चाहिए।
नुआखाई कृषि संस्कृति और सामाजिक एकता का पर्व
राष्ट्रपति ने नुआखाई पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह केवल एक सांस्कृतिक समारोह नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध परंपराओं, आपसी सद्भाव और सामाजिक एकता का उत्सव है। यह पर्व अपनी जड़ों से जुड़े रहने और सांस्कृतिक विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि नुआखाई कृषि परंपरा को सहेजने, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और सामुदायिक भावना को मजबूत करने का पर्व है। अन्न केवल भूख मिटाने का साधन नहीं, बल्कि किसानों के परिश्रम, धरती की उदारता और प्रकृति के अनमोल उपहार का प्रतीक है। अन्न का सम्मान करना, किसानों के योगदान को स्वीकार करना और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा करना सभी का सामूहिक दायित्व है।
विकसित भारत के निर्माण में महिलाओं की समान भागीदारी जरूरी
राष्ट्रपति श्रीमती मुर्मु ने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए महिलाओं की समान भागीदारी अत्यंत आवश्यक है। देश की आधी आबादी को आगे बढ़ाए बिना राष्ट्र अपनी पूरी क्षमता के साथ प्रगति नहीं कर सकता।
उन्होंने महिलाओं से देश और समाज के कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया। साथ ही पुरुषों, विशेषकर युवाओं से कहा कि वे अपनी बहनों और बेटियों को ऐसा वातावरण और अवसर उपलब्ध कराएं, जहां वे बिना किसी बाधा के अपने सपनों को साकार कर सकें। महिलाओं के प्रति सम्मान केवल शब्दों में नहीं, बल्कि सोच, व्यवहार और दैनिक आचरण में भी दिखाई देना चाहिए।
छत्तीसगढ़ में बदलाव का उल्लेख, युवाओं को मुख्यधारा से जुड़ने का संदेश
राष्ट्रपति ने छत्तीसगढ़ में हो रहे बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों के प्रयासों तथा युवाओं की दृढ़ इच्छाशक्ति से प्रदेश के युवा नक्सलवाद के भटकाव से मुक्त होकर मुख्यधारा से जुड़ रहे हैं।
उन्होंने कहा, “जहां कभी आतंक का अंधेरा था, वहां आज विकास का उजियारा फैल रहा है।” राष्ट्रपति के अनुसार, इस परिवर्तन से युवाओं और उनके परिवारों के कल्याण के साथ छत्तीसगढ़ तथा देश के विकास को भी गति मिल रही है।
राज्यपाल ने युवाओं से सेवा को जीवन का स्वभाव बनाने की अपील की
राज्यपाल श्री रमेन डेका ने प्रदेशवासियों को नुआखाई जुहार की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह पर्व नई फसल के स्वागत, धरती माता के प्रति कृतज्ञता, किसानों के परिश्रम के सम्मान और मिल-जुलकर खुशियां बांटने का अवसर है। यह कृषि संस्कृति, सामाजिक एकता और आपसी सहयोग की परंपरा को मजबूत करता है।
उन्होंने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु के संघर्ष, सादगी, समर्पण और सेवाभाव को प्रेरणादायक बताते हुए युवाओं से नशे एवं भटकाव से दूर रहने और ज्ञान, कौशल तथा नवाचार के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित, संस्कारित और सेवाभावी युवा ही सशक्त समाज एवं विकसित राष्ट्र की मजबूत आधारशिला हैं। राज्यपाल ने रक्तदाताओं, विशेषकर महिला रक्तदाताओं की भी सराहना की।
मुख्यमंत्री ने राष्ट्रपति के जीवन को बताया प्रेरणास्रोत
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु का छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से स्वागत एवं अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का जीवन संघर्ष, सादगी, सेवा, शिक्षा और दृढ़ संकल्प की प्रेरणादायक मिसाल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ओडिशा के एक छोटे से गांव से देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद तक पहुंचने की राष्ट्रपति की यात्रा देश की बेटियों, युवाओं तथा जनजातीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए प्रेरणास्रोत है। उनका मार्गदर्शन युवाओं को बड़े लक्ष्य निर्धारित करने और राष्ट्र निर्माण में योगदान देने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच सदियों पुराने सामाजिक एवं सांस्कृतिक संबंध हैं। नुआखाई के अवसर पर सेवा सम्मान और युवा प्रबोधन का आयोजन सांस्कृतिक परंपराओं को समाज सेवा तथा युवा सशक्तीकरण से जोड़ने की पहल है।
युवाओं के लिए शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों पर जोर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में युवाओं की निर्णायक भूमिका होगी। राज्य सरकार शिक्षा, रोजगार, कौशल विकास, नवाचार और उद्यमिता के अवसरों का विस्तार कर रही है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा के विस्तार के लिए गीदम, कुनकुरी, जांजगीर-चांपा, मनेन्द्रगढ़ और कवर्धा में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू किए गए हैं। नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना की जा रही है, जहां प्रतिवर्ष लगभग चार हजार युवाओं को आधुनिक तकनीक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण देने की योजना है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, छत्तीसगढ़ राज्य एआई मिशन के माध्यम से छह लाख विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का प्रशिक्षण देने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, छत्तीसगढ़ स्टार्टअप प्रोत्साहन नीति के अंतर्गत युवाओं के नवाचारों को बढ़ावा देने के लिए 100 करोड़ रुपये का स्टार्टअप फंड बनाया गया है।
उन्होंने फॉरेंसिक यूनिवर्सिटी कैंपस, निफ्ट और नाइलिट जैसे संस्थानों की स्थापना की दिशा में की जा रही पहल का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने बताया कि चार वर्ष की सैन्य सेवा पूरी करने वाले छत्तीसगढ़ के अग्निवीरों को पुलिस आरक्षक, वनरक्षक और जेल प्रहरी की सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय लिया गया है।
रक्तदान महाकुंभ में 2,548 लोगों ने किया रक्तदान
कार्यक्रम के दौरान सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित रक्तदान महाकुंभ की विशेष उपलब्धि भी सामने आई। मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि इस अभियान में कुल 2,548 लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया, जिनमें 1,188 महिलाएं शामिल थीं।
उन्होंने रक्तदाताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि रक्तदान मानवता की महान सेवा है। बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी छत्तीसगढ़ की सेवा भावना, सामाजिक सहभागिता और नारी शक्ति का उदाहरण है।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव एवं श्री विजय शर्मा, केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, तकनीकी शिक्षा मंत्री श्री गुरु खुशवंत साहेब, राज्यसभा सांसद श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का मुख्य संदेश युवाओं को अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने, महिलाओं की समान भागीदारी सुनिश्चित करने और सेवा भावना के माध्यम से विकसित भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करना रहा।