मुंबई । भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को गिरावट देखने को मिली। सेंसेक्स 500 अंक से ज्यादा टूटकर 73,200 के आसपास कारोबार कर रहा था, जबकि निफ्टी में भी करीब 200 अंकों की गिरावट दर्ज की गई और यह 22,650 के स्तर पर पहुंच गया। ऑटो, FMCG और फार्मा सेक्टर के शेयरों में सबसे ज्यादा बिकवाली देखने को मिली।
वैश्विक बाजारों में कमजोरी और निवेशकों की सतर्कता के बीच घरेलू बाजार पर भी दबाव बना हुआ है।
ऑटो, FMCG और फार्मा शेयरों में बिकवाली
गुरुवार को कारोबार के दौरान ऑटो, FMCG और फार्मा सेक्टर के शेयरों में गिरावट रही। बाजार में कमजोरी के चलते निवेशकों ने कई शेयरों में मुनाफावसूली की।
वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक तनाव को लेकर निवेशक सतर्क नजर आ रहे हैं।
एशियाई बाजारों में भी गिरावट
गुरुवार को प्रमुख एशियाई बाजारों में कमजोरी देखने को मिली।
- कोस्पी (दक्षिण कोरिया): 1.17% नीचे
- निक्केई (जापान): 0.73% नीचे
- हैंगसेंग (हांगकांग): 1.81% नीचे
वहीं, अमेरिकी बाजारों में 21 अक्टूबर को तेजी रही थी। डाउ जोन्स 0.69%, नैस्डैक 1.05% और S&P 500 करीब 0.58% की बढ़त के साथ बंद हुए थे।
जियो IPO का दूसरा दिन
शेयर बाजार में गिरावट के बीच जियो प्लेटफॉर्म्स का IPO भी निवेशकों के बीच चर्चा में है। यह इश्यू 23 अक्टूबर तक खुला रहेगा। कंपनी इसके जरिए करीब 30,000 करोड़ जुटाने की योजना बना रही है।
IPO में आवेदन के लिए न्यूनतम निवेश करीब 13,428 निर्धारित किया गया है। निवेशक इसकी सब्सक्रिप्शन स्थिति और संभावित लिस्टिंग पर नजर बनाए हुए हैं।
पिछले कारोबारी सत्र में भी गिरा था बाजार
इससे पहले 21 अक्टूबर को सेंसेक्स 143 अंक गिरकर 73,710 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी में करीब 78 अंकों की गिरावट रही और यह 22,811 के स्तर पर बंद हुआ था।
लगातार कमजोरी के कारण निवेशकों की नजर अब बाजार की अगली चाल पर है।
निवेशकों को क्या करना चाहिए?
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है। कच्चे तेल की कीमतों, वैश्विक घटनाक्रम और कंपनियों के वित्तीय नतीजों का बाजार पर असर पड़ सकता है।
निवेश करने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति, शेयर का मूल्यांकन और अपनी जोखिम उठाने की क्षमता को ध्यान में रखें। केवल बाजार में गिरावट देखकर जल्दबाजी में खरीदारी या बिकवाली करने से बचें।