रायपुर । राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु कल 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर में आयोजित ऐतिहासिक मुरिया दरबार एवं बस्तर दशहरा उत्सव में शामिल होंगी। कार्यक्रम का आयोजन दोपहर 12:45 बजे जगदलपुर के लालबाग मैदान में किया जाएगा। राष्ट्रपति की उपस्थिति से बस्तर की समृद्ध जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक परंपराओं को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता छत्तीसगढ़ के राज्यपाल श्री रमेन डेका करेंगे, जबकि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। इस अवसर पर केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव और श्री विजय शर्मा सहित राज्य सरकार के मंत्री, सांसद, विधायक एवं अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।
कई मंत्री और जनप्रतिनिधि होंगे शामिल
मुरिया दरबार एवं बस्तर दशहरा उत्सव में पर्यटन, संस्कृति एवं धार्मिक न्यास मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी और स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव भी शामिल होंगे।
इसके अलावा बस्तर के सांसद श्री महेश कश्यप, जगदलपुर के विधायक श्री किरण सिंह देव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती वेदवती कश्यप और महापौर श्री संजय पाण्डे सहित अनेक जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रहेगी।
बस्तर दशहरा: जनजातीय संस्कृति और आस्था का अनूठा उत्सव
बस्तर दशहरा छत्तीसगढ़ की विशिष्ट सांस्कृतिक पहचान है। अपनी अनूठी परंपराओं, धार्मिक आस्था और सामुदायिक सहभागिता के लिए प्रसिद्ध यह उत्सव देश-विदेश में विशेष स्थान रखता है। सामान्य दशहरा पर्व से अलग, बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट रस्मों और लंबे समय से चली आ रही जनजातीय परंपराओं के लिए जाना जाता है।
मुरिया दरबार इस ऐतिहासिक उत्सव की प्रमुख परंपराओं में से एक है। यह बस्तर की पारंपरिक सामाजिक व्यवस्था, जनभागीदारी और स्थानीय जनसमुदाय की आवाज को महत्व देने वाली परंपरा का प्रतीक है। इस आयोजन के माध्यम से क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक परंपराओं की झलक देखने को मिलती है।
सांस्कृतिक विरासत को मिलेगा राष्ट्रीय मंच
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की बस्तर दशहरा उत्सव में सहभागिता को क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस अवसर से बस्तर की जनजातीय परंपराओं, ऐतिहासिक धरोहरों और सांस्कृतिक विशिष्टता को व्यापक पहचान मिलने की उम्मीद है।
मुरिया दरबार और बस्तर दशहरा उत्सव का यह आयोजन छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं को संरक्षित करने, नई पीढ़ी को उनसे जोड़ने और देश-दुनिया के सामने बस्तर की विशिष्ट पहचान प्रस्तुत करने की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर होगा।