रायपुर । भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु आज छत्तीसगढ़ के दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंच रही हैं। अपने प्रवास के दौरान वे राजधानी में नुआखाई (जूहार) पर्व के अवसर पर आयोजित ‘सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन’ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। कार्यक्रम का आयोजन आज शाम 4 बजे रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में निर्धारित है।
राष्ट्रपति के छत्तीसगढ़ प्रवास की आधिकारिक जानकारी राष्ट्रपति सचिवालय की ओर से जारी की गई है। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति 22 अक्टूबर को रायपुर में विभिन्न आयोजनों में शामिल होंगी। इनमें नुआखाई पर्व के अवसर पर आयोजित सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम प्रमुख है।
सेवा और सम्मान की भावना को मिलेगा प्रोत्साहन
नुआखाई के पावन अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सेवा, सम्मान और युवा प्रबोधन से जुड़े विषयों को प्रमुखता देना है। कार्यक्रम के माध्यम से समाज में सेवा भावना, सामाजिक उत्तरदायित्व और युवाओं की सकारात्मक भूमिका को प्रोत्साहित करने पर जोर रहेगा।
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु की उपस्थिति से इस आयोजन को विशेष महत्व मिला है। यह कार्यक्रम सांस्कृतिक परंपराओं के संरक्षण के साथ युवाओं को सामाजिक मूल्यों, कर्तव्यबोध और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति प्रेरित करने का अवसर भी बनेगा।
नुआखाई पर्व का सांस्कृतिक महत्व
नुआखाई छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न क्षेत्रों में सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व रखने वाला पर्व है। यह नई फसल, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और सामुदायिक एकजुटता की भावना से जुड़ा है। इस अवसर पर आयोजित सेवा सम्मान पर्व एवं युवा प्रबोधन कार्यक्रम सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक परंपराओं को आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
दो दिवसीय दौरे पर छत्तीसगढ़ में रहेंगी राष्ट्रपति
राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु 22 और 23 अक्टूबर को छत्तीसगढ़ के प्रवास पर रहेंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, आज रायपुर स्थित लोक भवन में वे पूज्य माता हासी देवी जी के सम्मान में स्मारक सिक्का जारी करने के कार्यक्रम में भी शामिल होंगी।
वहीं, 23 अक्टूबर को राष्ट्रपति जगदलपुर में बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित ऐतिहासिक मुरिया दरबार और सार्वजनिक कार्यक्रम में शामिल होंगी। उनके इस दौरे से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत, जनजातीय परंपराओं और सामाजिक आयोजनों को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान मिलने की उम्मीद है।