रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सिरपुर को यूनेस्को की संभावित सूची में शामिल किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए इसे छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। उन्होंने कहा कि सिरपुर हमारी प्राचीन सभ्यता, कला, आध्यात्मिकता और ज्ञान परंपरा की अनमोल धरोहर है, जो प्रदेश के गौरवशाली अतीत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करती है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्राचीन काल से ही सिरपुर शिक्षा, संस्कृति, धर्म और स्थापत्य कला का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां की ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरें छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा और गौरवशाली इतिहास की पहचान हैं। यूनेस्को की संभावित सूची में सिरपुर का शामिल होना इसकी ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में ‘विरासत भी, विकास भी’ के संकल्प के साथ देश की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन और वैश्विक पहचान के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इसी भावना के अनुरूप छत्तीसगढ़ सरकार भी प्रदेश की समृद्ध विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन की संभावनाओं को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिरपुर को वैश्विक पहचान मिलने से प्रदेश में सांस्कृतिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिलेगा और छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक धरोहरों के प्रति देश-विदेश के पर्यटकों की रुचि बढ़ेगी। इससे क्षेत्र के पर्यटन विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार की संभावनाओं को भी गति मिल सकती है।
श्री साय ने कहा कि राज्य सरकार सिरपुर सहित छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहरों के संरक्षण और संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ियां अपनी गौरवशाली विरासत से परिचित हों और छत्तीसगढ़ की कला, संस्कृति एवं ऐतिहासिक उपलब्धियों की पहचान विश्वभर में और अधिक सशक्त हो।
उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि विरासत के संरक्षण और पर्यटन विकास के समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाइयां प्राप्त होंगी।