किरंदुल में 65 फीट के रावण के पुतले का दहन, 58 वर्षों से निभाई जा रही दशहरा उत्सव की परंपरा

किरंदुल। छत्तीसगढ़ के किरंदुल में विजयदशमी का पर्व हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। एनएमडीसी की किरंदुल परियोजना के फुटबॉल ग्राउंड में आयोजित भव्य सार्वजनिक दशहरा उत्सव में 65 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। एनएमडीसी कर्मचारी छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा समिति, किरंदुल के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का संदेश दिया गया।

किरंदुल में दशहरा उत्सव की यह परंपरा पिछले 58 वर्षों से लगातार निभाई जा रही है। एनएमडीसी परियोजना की स्थापना के समय से ही अविभाजित मध्यप्रदेश और वर्तमान छत्तीसगढ़ के विभिन्न क्षेत्रों से यहां कार्य करने आए कर्मचारियों ने इस सांस्कृतिक परंपरा को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। समिति द्वारा प्रत्येक वर्ष विजयदशमी के अवसर पर सार्वजनिक दशहरा उत्सव का आयोजन किया जाता है।

रामलीला और आतिशबाजी ने बांधा समां

दशहरा उत्सव के दौरान रामलीला का मंचन किया गया, जिसने उपस्थित दर्शकों को भगवान श्रीराम के आदर्शों और धर्म की विजय का संदेश दिया। इसके पश्चात 65 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया गया। आकर्षक आतिशबाजी कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही।

रामलीला, रावण दहन और आतिशबाजी देखने के लिए एनएमडीसी परियोजना क्षेत्र के नगर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों से हजारों की संख्या में लोग पहुंचे। पूरे आयोजन के दौरान उत्सव और उल्लास का माहौल बना रहा। कार्यक्रम ने क्षेत्र की सांस्कृतिक परंपराओं और सामुदायिक सहभागिता की झलक प्रस्तुत की।

एनएमडीसी के वरिष्ठ अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि रहे उपस्थित

इस अवसर पर एनएमडीसी किरंदुल परियोजना के अधिशासी निदेशक श्री रबिन्द्र नारायण, प्रेरणा महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती नमिता नारायण, मुख्य महाप्रबंधक (उत्पादन) श्री जे. सी. दास, महाप्रबंधक (मानव संसाधन) श्री सुधांशु वर्मा और महाप्रबंधक (माइंस) श्री शशि भूषण विशेष रूप से उपस्थित रहे।

इसके अलावा इंटक सचिव श्री ए. के. सिंह, एसकेएमएस अध्यक्ष श्री नोमेश्वर राव, सचिव श्री प्रदीप नामदेव, छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक समिति के सचिव श्री पी. एल. साहू तथा अध्यक्ष श्री लोकनाथ चुरेन्द्र सहित अन्य गणमान्य लोग भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम का मंच संचालन एनएमडीसी एससी/एसटी कर्मचारी संघ के अध्यक्ष श्री बी. एल. तारम और श्री दिनेश साहू ने संयुक्त रूप से किया।

सांस्कृतिक विरासत और एकता का प्रतीक बना आयोजन

किरंदुल में पिछले 58 वर्षों से आयोजित हो रहा दशहरा उत्सव केवल धार्मिक आयोजन ही नहीं, बल्कि क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक समरसता और सामुदायिक एकता का भी प्रतीक है। एनएमडीसी कर्मचारी छत्तीसगढ़ी सांस्कृतिक एवं क्रीड़ा समिति के प्रयासों से यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ रही है और स्थानीय नागरिकों के साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी एक मंच पर जोड़ रही है।

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