राजस्थान । हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने ग्रामीण और आदिवासी समुदायों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। कंपनी की स्वास्थ्य सेवा परियोजना एवं सामुदायिक विकास कार्यक्रम के तहत ममता एचआईएमसी के सहयोग से राजस्थान और उत्तराखंड के प्रमुख परिचालन क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों के माध्यम से कुल 1,263 ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं, जिनमें 766 महिलाएं और 497 पुरुष शामिल हैं।
कंपनी की ओर से अगूचा, चंदेरिया, जावर, दरीबा और पंतनगर में आयोजित इन शिविरों का उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को समय पर चिकित्सा परामर्श, स्वास्थ्य जांच और आवश्यक उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना था। इसके लिए ग्रामीणों को घर से शिविर तक आने-जाने की सुविधा भी दी गई, ताकि दूरी और परिवहन की समस्या के कारण कोई भी व्यक्ति स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे।
विशेषज्ञ चिकित्सकों ने किया स्वास्थ्य परीक्षण
स्वास्थ्य शिविरों में स्त्री रोग विशेषज्ञ, अस्थि रोग विशेषज्ञ, नेत्र विशेषज्ञ और सामान्य चिकित्सकों की टीम ने ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया तथा उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय परामर्श दिया। इससे लोगों को अपने क्षेत्र में ही विशेषज्ञों से परामर्श लेने का अवसर मिला।
शिविरों में नेत्र जांच, हीमोग्लोबिन परीक्षण, रक्तचाप की जांच और ब्लड शुगर टेस्ट जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। जांच के दौरान जरूरतमंद लोगों को मुफ्त दवाइयां भी वितरित की गईं, जिससे उन्हें तत्काल राहत और आगे के उपचार में सहायता मिल सके।
महिलाओं और ग्रामीण समुदायों को मिला विशेष लाभ
शिविरों में लाभान्वित होने वाले कुल 1,263 लोगों में 766 महिलाएं थीं। स्त्री रोग विशेषज्ञों की उपलब्धता से महिलाओं को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर परामर्श लेने और आवश्यक जांच कराने का अवसर मिला।
ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में नियमित स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच कई बार दूरी, परिवहन और जागरूकता की कमी के कारण चुनौतीपूर्ण होती है। ऐसे में मोबाइल स्वास्थ्य शिविर लोगों को प्राथमिक जांच और विशेषज्ञ परामर्श उपलब्ध कराने में उपयोगी भूमिका निभाते हैं।

निवारक स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता पर जोर
हिंदुस्तान जिंक की इस पहल का उद्देश्य केवल बीमारियों का उपचार करना नहीं, बल्कि लोगों को समय पर जांच कराने और स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रोत्साहित करना भी है। रक्तचाप, ब्लड शुगर और हीमोग्लोबिन जैसी जांचों से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की समय रहते पहचान करने में मदद मिल सकती है।
कंपनी स्वास्थ्य सेवा परियोजनाओं और सामुदायिक विकास कार्यक्रमों के माध्यम से दूरस्थ क्षेत्रों में निवारक एवं उपचारात्मक स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुंच बढ़ाने पर काम कर रही है।
सामुदायिक विकास की दिशा में संयुक्त प्रयास
हिंदुस्तान जिंक और ममता एचआईएमसी के संयुक्त प्रयास ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। इन शिविरों के माध्यम से स्थानीय लोगों को चिकित्सकीय परामर्श, जरूरी जांच और मुफ्त दवाइयों का लाभ मिला।
इस तरह की पहल ग्रामीण और आदिवासी समुदायों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने, समय पर उपचार को प्रोत्साहित करने और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच मजबूत करने में योगदान दे सकती है।