वाशिंगटन । अमेरिका और इजरायल नवंबर की शुरुआत में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेंगे। व्हाइट हाउस की प्रमुख उप प्रेस सचिव एना केली ने मंगलवार को अल जज़ीरा से बातचीत में कहा कि अमेरिका मध्यावधि चुनाव से पहले किसी भी परिस्थिति में ईरान पर हमला नहीं करेगा। समाचार रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल की ओर से भी 3 नवंबर से पहले ईरान पर हमला करने की कोई योजना नहीं है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के प्रयास जारी हैं। इससे पहले 8 अक्टूबर को ट्रंप ने भी स्पष्ट किया था कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर दोबारा सैन्य हमले शुरू नहीं करेगा। उन्होंने ईरान के साथ बातचीत को सकारात्मक बताया था।
इजरायल की सैन्य योजना को लेकर भी चर्चा
फाइनेंशियल टाइम्स की 21 अक्टूबर की रिपोर्ट के अनुसार, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस महीने की शुरुआत में ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान की तैयारी करने को कहा था। रिपोर्ट में तीन परिचित सूत्रों के हवाले से बताया गया कि प्रस्तावित अभियान में ईरान के परमाणु ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की योजना पर विचार किया गया था।
रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने नवंबर के चुनाव से पहले संघर्ष दोबारा शुरू करने का विरोध किया, जिसके बाद प्रस्तावित अभियान आगे नहीं बढ़ा। हालांकि, आने वाले हफ्तों में अमेरिका और इजरायल की ओर से दोबारा हमले की संभावना को पूरी तरह खारिज नहीं किया गया है।
ईरान के साथ बातचीत पर भी नजर
ट्रंप ने पहले कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में प्रगति हो रही है। वहीं, क्षेत्र में तनाव के बीच अमेरिकी प्रतिबंधात्मक कदम और ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहने की खबरें भी सामने आई हैं। ऐसे में कूटनीतिक प्रयासों और सैन्य विकल्पों को लेकर दोनों पक्षों की अगली गतिविधियां महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं। <Cite refs={[“turn434942search2″,”turn434942search3”]}/>
3 नवंबर को होंगे अमेरिकी मध्यावधि चुनाव
अमेरिका में 3 नवंबर 2026 को मध्यावधि चुनाव होने हैं। इन चुनावों में कांग्रेस के सदस्यों का चयन किया जाएगा। चुनाव से पहले ईरान के साथ संघर्ष को दोबारा तेज नहीं करने का अमेरिकी प्रशासन का रुख अंतरराष्ट्रीय राजनीति में महत्वपूर्ण घटनाक्रम है।
फिलहाल, व्हाइट हाउस के बयान से चुनाव से पहले अमेरिकी सैन्य हमले नहीं होने का संकेत मिलता है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि चुनाव के बाद अमेरिका और इजरायल ईरान को लेकर क्या रणनीति अपनाएंगे।