भुवनेश्वर । पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं संबलपुर के सांसद धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच लंबे समय से चले आ रहे कोटिया सीमा विवाद को सुलझाने के लिए सभी राजनीतिक दलों से एकजुट होकर प्रयास करने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की क्षेत्रीय अखंडता और ओड़िया पहचान की रक्षा करना सभी राजनीतिक दलों की सामूहिक जिम्मेदारी है।
बुधवार को इस मुद्दे पर अपनी बात रखते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कोटिया को ओडिशा की पहचान, संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का प्रतीक बताया। उन्होंने राजनीतिक दलों और संबंधित पक्षों से आग्रह किया कि वे दलीय मतभेदों से ऊपर उठकर इस लंबे समय से लंबित विवाद के समाधान की दिशा में मिलकर काम करें।
राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर हो प्रयास
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि कोटिया सीमा विवाद केवल क्षेत्रीय सीमाओं से जुड़ा मुद्दा नहीं है, बल्कि यह ओडिशा की पहचान और क्षेत्रीय अखंडता से भी संबंधित है। ऐसे में सभी राजनीतिक दलों को साझा जिम्मेदारी निभाते हुए इस विषय पर एकजुट रुख अपनाना चाहिए।
उन्होंने संबंधित पक्षों से अपील की कि विवाद के समाधान के लिए सार्थक पहल की जाए, ताकि लंबे समय से चले आ रहे इस मुद्दे पर आगे बढ़ने का रास्ता निकल सके।
लंबे समय से जारी है कोटिया विवाद
ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बीच कोटिया क्षेत्र को लेकर लंबे समय से सीमा विवाद चला आ रहा है। इस मुद्दे पर दोनों राज्यों के बीच प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र और क्षेत्रीय दावों को लेकर मतभेद रहे हैं।
धर्मेंद्र प्रधान के बयान ने एक बार फिर इस विवाद के समाधान के लिए राजनीतिक सहमति और समन्वित प्रयासों की आवश्यकता को रेखांकित किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ओडिशा की क्षेत्रीय अखंडता और ओड़िया पहचान की रक्षा के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना चाहिए।