मुंबई। घरेलू शेयर बाजार में बुधवार, 21 अक्टूबर को शुरुआती तेजी के बाद बिकवाली का दबाव देखने को मिला। कारोबार के अंत में बीएसई का सेंसेक्स 143.21 अंक टूटकर 73,709.69 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी-50 सूचकांक 77.60 अंक गिरकर 22,811.35 अंक पर आ गया। बाजार में आई इस गिरावट से निवेशकों का रुझान सतर्क बना रहा।
शुरुआती तेजी के बाद बाजार में दबाव
बुधवार को कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रुख के साथ हुई थी। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में बढ़त दर्ज की गई। हालांकि, बाद में बिकवाली बढ़ने से दोनों प्रमुख सूचकांक अपनी शुरुआती बढ़त बरकरार नहीं रख सके और गिरावट के साथ बंद हुए।
बाजार की चाल पर घरेलू कंपनियों के तिमाही नतीजों, वैश्विक संकेतों और कच्चे तेल की कीमतों से जुड़ी चिंताओं का असर रहा। <Entity category=”organization” value=”रॉयटर्स” disambig=”अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी”/> की रिपोर्ट के मुताबिक, बुधवार को कारोबार की शुरुआत में आईटी शेयरों और रिलायंस इंडस्ट्रीज में खरीदारी से बाजार को समर्थन मिला था। इसके बावजूद कारोबारी सत्र के दौरान बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
कच्चे तेल की कीमतों पर निवेशकों की नजर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भारतीय शेयर बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से आयात बिल, महंगाई और कंपनियों की लागत पर दबाव बढ़ सकता है।
इसके अलावा, विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियों पर भी निवेशकों की नजर बनी हुई है।
आगे बाजार की दिशा पर रहेगी नजर
विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले कारोबारी सत्रों में कंपनियों के तिमाही नतीजे, कच्चे तेल की कीमतें और वैश्विक बाजारों के संकेत घरेलू शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। निवेशकों को बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बीच सावधानी बरतने की जरूरत है।
फिलहाल, सेंसेक्स और निफ्टी में आई गिरावट के बाद निवेशकों की नजर अगले कारोबारी सत्र और बाजार से जुड़े नए संकेतों पर रहेगी।