पेरिस । फ्रांस में सप्ताहांत के दौरान हुई हिंसा और लूटपाट की घटनाओं के बाद सरकार सतर्क हो गई है। विभिन्न शहरों में कर्फ्यू लागू किए जाने के बीच प्रधानमंत्री सेबास्टियन लेकोर्नू बुधवार को प्रमुख ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे। बैठक में प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और देशव्यापी आंदोलन शुरू करने वाले स्कूली छात्रों की मांगों पर चर्चा की जाएगी।
पांच प्रमुख ट्रेड यूनियनों को बैठक के लिए बुलाया
प्रधानमंत्री लेकोर्नू ने सीएफडीटी, सीजीटी, एफओ, सीएफटीसी और सीएफई-सीजीसी सहित पांच प्रमुख ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों को बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। इन संगठनों को भेजे गए पत्र में उन्होंने कहा कि बैठक का उद्देश्य प्रदर्शन करने की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने के साथ-साथ सार्वजनिक व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना है।
सरकार की कोशिश है कि नए प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, तोड़फोड़ और लूटपाट जैसी घटनाओं को रोका जा सके तथा प्रदर्शनकारियों की मांगों पर संवाद के जरिए समाधान तलाशा जाए।
हिंसा और लूटपाट के बाद सुरक्षा कड़ी
फ्रांस के विभिन्न शहरों में सप्ताहांत के दौरान हुई हिंसा और लूटपाट की घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। हालात को नियंत्रित करने और सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कई शहरों में कर्फ्यू लागू किया गया है।
प्रशासन के सामने एक ओर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की चुनौती है, तो दूसरी ओर शांतिपूर्ण प्रदर्शन के अधिकार को बनाए रखने की जिम्मेदारी भी है।
स्कूली छात्रों के आंदोलन पर भी होगी चर्चा
बैठक में देशव्यापी आंदोलन शुरू करने वाले स्कूली छात्रों की मांगों पर भी विचार किया जाएगा। सरकार ट्रेड यूनियनों के साथ बातचीत के जरिए आंदोलन से जुड़े मुद्दों को समझने और तनाव कम करने के रास्ते तलाशने का प्रयास करेगी।
फ्रांस में आगामी दिनों में होने वाले प्रदर्शनों को देखते हुए यह बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, बातचीत के संभावित परिणाम और आंदोलन को लेकर सरकार की आगे की रणनीति पर स्थिति बैठक के बाद ही स्पष्ट होगी।