यमन । यमन के दक्षिण-पूर्वी प्रांत शबवा में सोमवार को एक सरकारी सैन्य प्रशिक्षण शिविर पर मिसाइल हमले में कम से कम 25 सैनिकों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल हो गए। यह हमला प्रांतीय राजधानी अताक के पास स्थित अल-आलम सैन्य अड्डे पर हुआ। समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, हमले में तीन मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया।
प्रशिक्षण शिविर को बनाया गया निशाना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, तीन मिसाइलें सैन्य अड्डे के परिसर में गिरीं, जिनमें से एक ने प्रशिक्षण शिविर को निशाना बनाया। घटना के समय वहां सैनिक मौजूद थे। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस भेजी गईं।
स्थानीय चिकित्सा सूत्रों के मुताबिक, हमले में बड़ी संख्या में सैनिक घायल हुए हैं। घायलों का उपचार किया जा रहा है। अलग-अलग समाचार एजेंसियों की शुरुआती रिपोर्टों में मृतकों की संख्या अलग-अलग बताई गई है। रॉयटर्स ने सरकारी और चिकित्सा सूत्रों के हवाले से कम से कम 18 लोगों की मौत की खबर दी, जबकि शिन्हुआ ने 25 सैनिकों के मारे जाने की सूचना दी।
हूती विद्रोहियों पर हमले का आरोप
यमन के एक सैन्य अधिकारी ने हमले के लिए हूती विद्रोहियों को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, घटना के संबंध में सभी पक्षों की ओर से स्वतंत्र रूप से पुष्टि की गई जानकारी सीमित है।
यमन में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार और हूती विद्रोहियों के बीच संघर्ष लंबे समय से जारी है। हाल के दिनों में लड़ाई तेज होने से देश की सुरक्षा स्थिति और अधिक तनावपूर्ण हो गई है।
यमन में बढ़ता संघर्ष चिंता का विषय
यमन में 2014 में हूती विद्रोहियों द्वारा राजधानी सना पर कब्जा किए जाने के बाद संघर्ष व्यापक हो गया था। इसके बाद देश में लंबे समय तक गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनी रही। वर्ष 2022 में संघर्षविराम से लड़ाई में कुछ कमी आई थी, लेकिन हालिया महीनों में तनाव फिर बढ़ा है।
शबवा में सैन्य शिविर पर हुआ यह हमला ऐसे समय में हुआ है, जब सरकारी बल और हूती विद्रोही विभिन्न मोर्चों पर संघर्ष कर रहे हैं। हमले में हताहतों की अंतिम संख्या और घटना से जुड़े अन्य विवरणों को लेकर आगे की जानकारी का इंतजार है।