रायपुर । छत्तीसगढ़ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संगठनात्मक गतिविधियों को गति देने और आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा के लिए पार्टी की नवनियुक्त प्रदेश प्रभारी एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी 25 अक्टूबर को रायपुर पहुंचेंगी। वह प्रदेश सह प्रभारी सिद्धार्थ शंभू के साथ दो दिवसीय प्रवास पर रहेंगी। उनके दौरे को लेकर प्रदेश भाजपा संगठन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
प्रदेश प्रभारी बनने के बाद पहला छत्तीसगढ़ दौरा
स्मृति ईरानी को सितंबर 2026 में छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रदेश प्रभारी नियुक्त किया गया था। उनके साथ सिद्धार्थ शंभू को सह प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी गई है। करीब आठ महीने के अंतराल के बाद प्रदेश भाजपा को नए प्रभारी और सह प्रभारी मिले हैं। नियुक्ति के बाद स्मृति ईरानी का यह पहला प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरा होगा।
प्रदेश से जिला स्तर तक संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा
अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान स्मृति ईरानी राजधानी रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में पार्टी की विभिन्न बैठकों में शामिल होंगी। इन बैठकों में प्रदेश संगठन की कार्यप्रणाली, पार्टी पदाधिकारियों की जिम्मेदारियों और आगामी कार्यक्रमों की समीक्षा किए जाने की संभावना है।
दौरे के दौरान प्रदेश पदाधिकारियों, सांसदों, विधायकों, संभाग एवं जिला प्रभारियों तथा अन्य संगठनात्मक इकाइयों के प्रतिनिधियों के साथ चर्चा हो सकती है। पार्टी के संगठनात्मक ढांचे को मजबूत बनाने और जमीनी स्तर पर गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।
विधानसभा चुनाव की तैयारियों पर रहेगा फोकस
भाजपा के इस दौरे को वर्ष 2028 में होने वाले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बैठकों में संगठन की मजबूती, कार्यकर्ताओं की सक्रियता और सरकार तथा संगठन के बीच बेहतर समन्वय जैसे विषयों पर विचार-विमर्श होने की संभावना है।
स्मृति ईरानी का यह दौरा प्रदेश भाजपा के लिए संगठनात्मक प्राथमिकताओं को तय करने और आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करने का अवसर होगा। हालांकि, बैठकों के विस्तृत एजेंडे और कार्यक्रमों की अंतिम जानकारी पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार स्पष्ट होगी।
प्रदेश संगठन ने शुरू की तैयारियां
स्मृति ईरानी और सिद्धार्थ शंभू के आगमन को लेकर प्रदेश भाजपा के पदाधिकारियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि नए प्रभारियों के अनुभव से संगठनात्मक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी और प्रदेश से लेकर जिला स्तर तक समन्वय बेहतर होगा।
अब सभी की नजर 25 और 26 अक्टूबर को होने वाली बैठकों पर रहेगी, जिनमें प्रदेश भाजपा के संगठनात्मक कामकाज और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा होने की संभावना है।