नई दिल्ली । यूट्यूबर ध्रुव राठी के खिलाफ दिल्ली की साकेत कोर्ट ने वर्ष 2018 के आपराधिक मानहानि मामले में जमानती वारंट जारी किया है। यह मामला भाजपा आईटी सेल से जुड़े विकास सांकृत्यायन उर्फ विकास पांडे की शिकायत से संबंधित है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि ध्रुव राठी के एक यूट्यूब वीडियो में उनके खिलाफ मानहानिकारक दावे किए गए थे।
अदालत ने यह कदम समन की तामील नहीं हो पाने की रिपोर्ट के बाद उठाया। मामले की अगली सुनवाई 31 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला वर्ष 2018 में ध्रुव राठी के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो ‘BJP IT Cell Part II’ से जुड़ा है। शिकायतकर्ता विकास सांकृत्यायन का आरोप है कि वीडियो में उनके और भाजपा आईटी सेल से जुड़े उनके कथित कार्यों के बारे में गलत और मानहानिकारक दावे किए गए थे।
शिकायत के अनुसार, वीडियो में ध्रुव राठी को बदनाम करने के लिए 50 लाख रुपये देने की पेशकश किए जाने का दावा किया गया था। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन आरोपों से उनकी व्यक्तिगत और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। हालांकि, ये शिकायतकर्ता के आरोप हैं और इन्हें अदालत द्वारा सिद्ध तथ्य नहीं माना जाना चाहिए।
समन की तामील नहीं होने पर जारी हुआ वारंट
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि ध्रुव राठी को समन की तामील नहीं हो सकी। प्रक्रिया सर्वर की रिपोर्ट के अनुसार, उनके आवास पर पहुंचने पर घर बंद मिला।
इसके बाद अदालत ने उनके खिलाफ जमानती वारंट जारी किया। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, सुनवाई के दौरान ध्रुव राठी की ओर से उनके वकील पेश हुए। अदालत में यह भी बताया गया कि राठी व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए लंदन में हैं।
31 अक्टूबर को होगी अगली सुनवाई
अब इस मामले में अगली सुनवाई 31 अक्टूबर 2026 को होगी। अदालत की आगामी कार्यवाही में वारंट की तामील और मामले से जुड़े अन्य कानूनी पहलुओं पर आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
गौरतलब है कि जमानती वारंट जारी होना किसी व्यक्ति को दोषी ठहराए जाने के समान नहीं है। मानहानि के इस मामले में आरोपों पर अंतिम निर्णय न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा।