पीएम मोदी ने लद्दाख को दी 3,350 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की सौगात, शिक्षा और खेल सुविधाओं पर भी जोर

लेह । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में लगभग 3,350 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इन परियोजनाओं का उद्देश्य क्षेत्र में कनेक्टिविटी मजबूत करना, बिजली व्यवस्था बेहतर बनाना, जल सुरक्षा बढ़ाना और प्राचीन सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण करना है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ने युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नई तकनीक सीखने और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर विकसित करने पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से लद्दाख के विकास को नई गति मिलेगी। बेहतर परिवहन सुविधाओं से लोगों की यात्रा आसान होगी, दूरदराज के क्षेत्रों तक पहुंच बढ़ेगी और स्थानीय लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं तथा रोजगार के नए अवसरों का लाभ मिल सकेगा।

लेह एयरपोर्ट का नया टर्मिनल, सालाना 35 लाख यात्रियों की क्षमता

परियोजनाओं में लेह स्थित कुशोक बकुला रिनपोछे एयरपोर्ट का नया यात्री टर्मिनल प्रमुख है। लगभग 640 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित यह टर्मिनल करीब 23,800 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है और सालाना 35 लाख यात्रियों को संभालने की क्षमता रखता है।

टर्मिनल में आधुनिक यात्री सुविधाओं के साथ लद्दाख की सांस्कृतिक पहचान को भी जगह दी गई है। इसमें भू-तापीय ऊर्जा तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिससे ऊर्जा दक्षता बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद मिलेगी। इस परियोजना से पर्यटन और हवाई संपर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

298 किलोमीटर की रणनीतिक सड़क से बढ़ेगी कनेक्टिविटी

प्रधानमंत्री ने 298 किलोमीटर लंबी निमू-पदुम-दरचा सड़क राष्ट्र को समर्पित की। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) द्वारा निर्मित यह सड़क लेह के निमू को हिमाचल प्रदेश के दरचा से जोड़ती है और जांस्कर घाटी से होकर गुजरती है।

यह मार्ग श्रीनगर-लेह और मनाली-लेह राजमार्गों के अतिरिक्त लद्दाख के लिए एक वैकल्पिक संपर्क मार्ग उपलब्ध कराता है। इससे दुर्गम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को बाजार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंचने में सुविधा मिलेगी। साथ ही, सड़क सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे सशस्त्र बलों की आवाजाही और रसद आपूर्ति को मजबूती मिलेगी।

बिजली व्यवस्था को मजबूत करेंगे जलविद्युत और ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट

लद्दाख में ऊर्जा सुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री ने 9 मेगावाट क्षमता वाली हानू लघु जलविद्युत परियोजना और 66 केवी डबल-सर्किट दाह-हानू-खाल्त्सी ट्रांसमिशन लाइन का भी उद्घाटन किया।

इन परियोजनाओं से बिजली आपूर्ति नेटवर्क की विश्वसनीयता बढ़ाने और क्षेत्र की जलविद्युत क्षमता का बेहतर उपयोग करने में मदद मिलेगी।

लेह में देश का पहला पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क

लद्दाख की प्राचीन ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री ने लेह के सिंधु घाट पर भारत के पहले पेट्रोग्लिफ संरक्षण पार्क का उद्घाटन किया।

पेट्रोग्लिफ प्राचीन चट्टानों पर उकेरी गई आकृतियां और चित्र हैं, जिनमें पशुओं, मनुष्यों और विभिन्न प्रतीकों के चित्र शामिल हैं। ये कलाकृतियां हजारों वर्षों के मानवीय इतिहास और सभ्यता की जानकारी देती हैं। नए संरक्षण पार्क से इन पुरातात्विक धरोहरों को सुरक्षित रखने, लोगों में जागरूकता बढ़ाने और सांस्कृतिक पर्यटन को प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी।

40 गांवों में जल संरक्षण को मिलेगा बढ़ावा

जल सुरक्षा को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री ने प्रोजेक्ट हिम सरोवर के तहत 40 गांवों में विकसित 40 जल निकायों का भी उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य पानी की उपलब्धता और कृषि संबंधी जरूरतों के बीच मौसमी अंतर को कम करना है।

लद्दाख में बर्फ पिघलने और ग्लेशियरों से मिलने वाला पानी कुछ समय में अधिक उपलब्ध होता है, जबकि बुवाई जैसे महत्वपूर्ण कृषि कार्यों के दौरान पानी की कमी हो सकती है। जल निकायों के विकास से उपलब्ध पानी को संचित करने और जरूरत के समय उपयोग करने में सहायता मिलेगी। इससे सिंचाई, किसानों की आजीविका और दीर्घकालिक जल सुरक्षा को लाभ मिलने की उम्मीद है।

शिक्षा, तकनीक और खेलों में युवाओं को आगे बढ़ाने पर जोर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लद्दाख के युवाओं के विकास को भी प्राथमिकता बताया। उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, नई तकनीकों के प्रशिक्षण और स्थानीय स्तर पर बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।

प्रधानमंत्री के अनुसार, लेह में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस विकसित करने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसके साथ ही नई खेल नीति के माध्यम से स्थानीय खेल प्रतिभाओं को बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि युवा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।

उन्होंने कहा कि लद्दाख में आधुनिक बुनियादी ढांचे का विकास करते समय यहां के संवेदनशील पर्यावरण का संरक्षण भी जरूरी है। पर्यटन, विशेषकर शीतकालीन और साहसिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर विकसित करने पर भी ध्यान दिया जा रहा है।

लद्दाख के विकास को मिलेगी नई गति

लगभग 3,350 करोड़ रुपये की इन परियोजनाओं के माध्यम से लद्दाख में परिवहन, बिजली, जल संरक्षण, पर्यटन और सांस्कृतिक विरासत जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को मजबूत करने का प्रयास किया गया है।

बेहतर कनेक्टिविटी से दूरस्थ बस्तियों को जोड़ने, आधुनिक सुविधाओं से पर्यटन को प्रोत्साहित करने और जल संरक्षण से स्थानीय जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलने की उम्मीद है। इन पहलों का लक्ष्य क्षेत्र के समग्र विकास के साथ स्थानीय नागरिकों के जीवन को अधिक सुविधाजनक बनाना है।

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