मुंबई । भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग, वित्तीय और ऑटो कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के दबाव के बीच बीएसई का सेंसेक्स 251.89 अंक यानी 0.34 प्रतिशत गिरकर 72,781.89 अंक पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी-50 सूचकांक 99.25 अंक यानी 0.44 प्रतिशत टूटकर 22,622.70 अंक पर आ गया। पिछले कारोबारी सत्र में बाजार के प्रमुख सूचकांकों में डेढ़ प्रतिशत से अधिक की तेजी आई थी। बुधवार की गिरावट के साथ इस तेजी पर विराम लग गया।
दिनभर बाजार में रहा उतार-चढ़ाव
कारोबार के दौरान सेंसेक्स में काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। एक समय यह 73,195 अंक के ऊपरी स्तर तक पहुंचा, जबकि बिकवाली बढ़ने पर 72,579 अंक के निचले स्तर तक फिसल गया।
निफ्टी में भी दबाव बना रहा और यह कारोबार के दौरान 22,650 अंक के महत्वपूर्ण स्तर से नीचे आ गया। निवेशकों की मुनाफावसूली और प्रमुख शेयरों में कमजोरी ने बाजार की बढ़त को सीमित कर दिया।
बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में बिकवाली
बाजार में गिरावट की प्रमुख वजह बैंकिंग और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में कमजोरी रही। ऑटो और फार्मा क्षेत्र में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
निफ्टी ऑटो सूचकांक में 0.93 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज सूचकांक 1.21 प्रतिशत नीचे रहा। फार्मा क्षेत्र का सूचकांक भी 1.30 प्रतिशत गिर गया।
इसके विपरीत, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी), एफएमसीजी और ऊर्जा क्षेत्र के कुछ शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे प्रमुख सूचकांकों की गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।
वैश्विक बाजारों का दबाव और कच्चे तेल की कीमतें
बाजार की धारणा पर वैश्विक संकेतों का भी असर पड़ा। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें लगभग 106 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ीं। इसके अलावा, अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों से पहले निवेशक सतर्क नजर आए।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर भी दबाव में
बुधवार को व्यापक बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक लगभग 0.08 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 में करीब 0.32 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि, कुछ चुनिंदा शेयरों में खरीदारी जारी रही। मजबूत तिमाही नतीजों के चलते टाटा एलेक्सी के शेयर में तेजी दर्ज की गई, जबकि आईटी क्षेत्र में खरीदारी ने बाजार को कुछ सहारा दिया।
निवेशकों की नजर अब वैश्विक संकेतों और कंपनियों के नतीजों पर
बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, आगे बाजार की दिशा तय करने में कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों की गतिविधियां, रुपये की चाल और कंपनियों के तिमाही नतीजे महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पिछले सत्र की तेज बढ़त के बाद बुधवार को हुई गिरावट ने संकेत दिया कि निवेशक फिलहाल चुनिंदा शेयरों में ही खरीदारी कर रहे हैं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना पर निवेशकों की नजर रहेगी