नई दिल्ली । केंद्र सरकार ने त्योहारी सीजन से पहले रेलवे कर्मचारियों को बड़ी सौगात दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में रेलवे के पात्र अराजपत्रित कर्मचारियों को 78 दिन का उत्पादकता आधारित बोनस (PLB) देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस फैसले से रेलवे के 11,40,770 कर्मचारियों को लाभ मिलेगा। बोनस के भुगतान के लिए सरकार ने कुल 2,009.61 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
प्रत्येक कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये
सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए बताया कि पात्र रेलवे कर्मचारियों को 78 दिन के वेतन के बराबर उत्पादकता आधारित बोनस दिया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक पात्र कर्मचारी को अधिकतम 17,951 रुपये मिलेंगे।
यह बोनस रेलवे कर्मचारियों के प्रदर्शन और योगदान को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से दिया जाता है। सरकार हर साल दुर्गा पूजा और दशहरा के आसपास पात्र कर्मचारियों को यह बोनस प्रदान करती है, जिससे त्योहारों के दौरान उन्हें अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलती है।
इन कर्मचारियों को मिलेगा बोनस का लाभ
बोनस के दायरे में रेलवे के विभिन्न विभागों में कार्यरत अराजपत्रित कर्मचारी शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित कर्मचारी शामिल हैं:
- ट्रैक मेंटेनर
- लोको पायलट
- ट्रेन मैनेजर
- स्टेशन मास्टर
- सुपरवाइजर
- तकनीशियन और तकनीशियन हेल्पर
- पॉइंट्समैन
- मंत्रालयिक कर्मचारी और अन्य पात्र ग्रुप-सी कर्मचारी
कुल 11,40,770 पात्र कर्मचारियों को इस निर्णय का लाभ मिलने की जानकारी दी गई है।
रेलवे के बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए फैसला
सरकार के अनुसार, वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय रेलवे ने परिचालन के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। इस अवधि में रेलवे ने रिकॉर्ड 1,670 मिलियन टन माल की ढुलाई की और लगभग 7.41 अरब यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया।
उत्पादकता आधारित बोनस का उद्देश्य कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देना और रेलवे की कार्यक्षमता में निरंतर सुधार के लिए उन्हें प्रोत्साहित करना है।
त्योहारों से पहले कर्मचारियों को मिलेगी आर्थिक राहत
78 दिन के बोनस की मंजूरी से पात्र रेलवे कर्मचारियों को त्योहारों के दौरान अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलेगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि बोनस का भुगतान निर्धारित पात्रता और लागू गणना नियमों के अनुसार किया जाएगा।
इस निर्णय पर कुल 2,009.61 करोड़ रुपये खर्च होंगे। रेलवे कर्मचारियों के लिए यह घोषणा ऐसे समय में हुई है, जब देशभर में त्योहारी खरीदारी और खर्च की गतिविधियां तेज हो रही हैं।
केंद्र सरकार का यह फैसला रेलवे कर्मचारियों के योगदान को मान्यता देने के साथ उन्हें त्योहारों से पहले आर्थिक लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।