नई दिल्ली । देशभर में नवरात्र से दीपावली तक चलने वाले त्योहारी सीजन में इस साल 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार होने का अनुमान है। व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के मुताबिक, पिछले वर्ष की तुलना में इस बार त्योहारी कारोबार में 15 से 18 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। कैट के राष्ट्रीय महामंत्री एवं चांदनी चौक से लोकसभा सांसद प्रवीन खंडेलवाल ने बुधवार को यह अनुमान जताया।
पिछले साल हुआ था 6.05 लाख करोड़ रुपये का कारोबार
प्रवीन खंडेलवाल के अनुसार, वर्ष 2025 में दीपावली के अवसर पर देश में लगभग 6.05 लाख करोड़ रुपये का त्योहारी कारोबार हुआ था। इसमें करीब 5.40 लाख करोड़ रुपये का वस्तुओं का व्यापार और 65 हजार करोड़ रुपये का सेवा क्षेत्र का कारोबार शामिल था।
कैट का अनुमान है कि इस साल त्योहारी गतिविधियों के और व्यापक होने से बाजारों में खरीदारी बढ़ेगी। ग्रामीण और अर्धशहरी क्षेत्रों में बढ़ती व्यावसायिक गतिविधियां भी कारोबार को गति देने में योगदान दे सकती हैं।
किन क्षेत्रों में अधिक कारोबार की उम्मीद?
कैट के शुरुआती अनुमानों के अनुसार, इस त्योहारी सीजन में दैनिक जरूरतों की वस्तुओं से लेकर आभूषण और इलेक्ट्रॉनिक्स तक कई श्रेणियों में अच्छी मांग रहने की संभावना है।
- किराना और एफएमसीजी: कुल त्योहारी कारोबार में लगभग 12 प्रतिशत हिस्सेदारी का अनुमान।
- सोना, चांदी और आभूषण: लगभग 10 प्रतिशत हिस्सेदारी की संभावना।
- इलेक्ट्रॉनिक्स और इलेक्ट्रिकल सामान: करीब 8 प्रतिशत कारोबार का अनुमान।
- रेडीमेड कपड़े और उपहार: प्रत्येक श्रेणी में लगभग 7 प्रतिशत हिस्सेदारी की उम्मीद।
- होम डेकोर और फर्नीचर: दोनों श्रेणियों में लगभग 5-5 प्रतिशत हिस्सेदारी का अनुमान।
ये आंकड़े कैट के अनुमान हैं, अंतिम बिक्री के आंकड़े नहीं।
सेवा क्षेत्र में भी बढ़ेगी आर्थिक गतिविधियां
त्योहारी सीजन का लाभ केवल खुदरा दुकानदारों तक सीमित नहीं रहने की उम्मीद है। परिवहन, लॉजिस्टिक्स, ई-कॉमर्स डिलीवरी, होटल, रेस्तरां, पर्यटन, कैटरिंग और इवेंट मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
कैट के मुताबिक, इस वर्ष सेवा क्षेत्र में 20 से 25 प्रतिशत तक वृद्धि का अनुमान है। इसके तहत सेवा कारोबार लगभग 80 हजार करोड़ से एक लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
स्थानीय उत्पादों और भारतीय ब्रांडों पर जोर
प्रवीन खंडेलवाल ने कहा कि त्योहारी खरीदारी के दौरान स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, भारतीय ब्रांडों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) के उत्पादों को प्राथमिकता देने की प्रवृत्ति कारोबार को समर्थन दे सकती है।
कैट ने उपभोक्ताओं से ‘वोकल फॉर लोकल’, ‘मेड इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की भावना के अनुरूप भारतीय उत्पाद खरीदने की अपील की है। संगठन के अनुसार, इससे स्थानीय व्यापारियों, कारीगरों, महिला उद्यमियों, स्टार्टअप और सेवा प्रदाताओं को लाभ मिल सकता है।
व्यापारियों को त्योहारी सीजन से बड़ी उम्मीद
नवरात्र, दशहरा, दुर्गा पूजा, धनतेरस और दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान बाजारों में खरीदारी बढ़ने से देश की खुदरा अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद है। कैट का मानना है कि इस वर्ष का त्योहारी सीजन व्यापार, सेवा क्षेत्र और स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
हालांकि, 7 लाख करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार फिलहाल व्यापारिक संगठन का अनुमान है। वास्तविक कारोबार का आकलन त्योहारी सीजन पूरा होने के बाद ही किया जा सकेगा।