तेहरान/नई दिल्ली । ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव मोहसेन रेजाई ने अमेरिका पर ओमान के तटीय इलाकों में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) की मदद से ईंधन की तस्करी करने का आरोप लगाया है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सेना छोटे जहाजों के जरिए तेल को बड़े टैंकरों तक पहुंचाने का अभियान चला रही है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
छोटे जहाजों से बड़े टैंकरों में पहुंचाया जा रहा तेल
ईरान के सरकारी समाचार चैनल प्रेस टीवी को दिए गए साक्षात्कार में रेजाई ने कहा कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के प्रमुख यूएई की सेना की सहायता से कथित तस्करी अभियान का संचालन कर रहे हैं।
रेजाई के मुताबिक, इस अभियान में पांच से छह छोटे जहाजों का इस्तेमाल किया जाता है, जिनके माध्यम से तेल को बड़े टैंकरों में स्थानांतरित किया जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरानी बल पिछले दो से तीन महीनों से हर रात ऐसे अभियानों में शामिल पांच या छह जहाजों पर हमले कर रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी बढ़ा तनाव
रेजाई ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान के नियंत्रण का दावा दोहराया। उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस कथन को भी खारिज किया कि जलडमरूमध्य खुला है। ईरानी अधिकारी के अनुसार, इस मार्ग से समुद्री यातायात अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से काफी कम है।
होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। इस क्षेत्र में तनाव और जहाजों की आवाजाही पर प्रतिबंधों को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच मतभेद बने हुए हैं।
अमेरिका और यूएई की प्रतिक्रिया का इंतजार
रेजाई के आरोपों पर खबर प्रकाशित होने तक अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में ईंधन तस्करी और जहाजों पर कथित हमलों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है।
क्षेत्र में जारी तनाव के बीच इन आरोपों से समुद्री सुरक्षा, तेल आपूर्ति और पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान संबंधों को लेकर चिंताएं बढ़ सकती हैं।