जियो ने इंडिया मोबाइल कांग्रेस में अपनी पर्सनल AI वियरेबल रेंज के तहत कैमरा वाले स्मार्ट ग्लास, ऑडियो ग्लास और AI ईयरबड्स प्रदर्शित किए। इन डिवाइस को रोजमर्रा के कामों को आसान बनाने और स्मार्टफोन पर निर्भरता कम करने के उद्देश्य से विकसित किया जा रहा है।
कंपनी के इन उत्पादों में कई उपयोगी फीचर्स शामिल हैं:
- स्कैन एंड पे: QR कोड स्कैन करके UPI भुगतान की प्रक्रिया शुरू करने की सुविधा।
- AI वॉयस असिस्टेंट: बोलकर सवाल पूछने और जरूरी कामों में सहायता लेने की सुविधा।
- लाइव ट्रांसलेशन: अलग-अलग भारतीय भाषाओं में बातचीत को समझने में मदद।
- AI नोट टेकिंग: मीटिंग और बातचीत के नोट्स तैयार करने की सुविधा।
- लाइव क्रिकेट कमेंट्री: मैच के दौरान कमेंट्री सुनने की सुविधा।
इन फीचर्स का उद्देश्य उपयोगकर्ताओं को हाथों का इस्तेमाल किए बिना कई डिजिटल सेवाओं तक पहुंच उपलब्ध कराना है।
आठ भारतीय भाषाओं का सपोर्ट
इंडिया मोबाइल कांग्रेस में प्रदर्शित जियो के AI वियरेबल्स में हिंदी, अंग्रेजी, मराठी, गुजराती, बंगाली, तेलुगु, तमिल और मलयालम सहित आठ भाषाओं का सपोर्ट बताया गया। कंपनी ने भविष्य में चार अन्य भाषाओं को जोड़ने की योजना भी जताई है।
भारतीय भाषाओं पर जोर देने से इन उपकरणों को उन लोगों के लिए भी उपयोगी बनाने का प्रयास है, जो अंग्रेजी के बजाय अपनी स्थानीय भाषा में डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करना पसंद करते हैं।
कीमत और लॉन्च की तारीख का इंतजार
जियो ने फिलहाल इन स्मार्ट ग्लास की अंतिम कीमत और सभी तकनीकी विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं। कंपनी इन्हें भारतीय उपभोक्ताओं के लिए किफायती बनाने की दिशा में काम कर रही है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन्हें 2026 के अंत तक बाजार में उतारे जाने की संभावना है।
UPI भुगतान के मामले में सुरक्षा भी अहम होगी। भुगतान की पुष्टि किस तरीके से होगी, अनजाने में ट्रांजैक्शन रोकने के लिए क्या व्यवस्था होगी और वित्तीय जानकारी को कैसे सुरक्षित रखा जाएगा—इन सवालों पर विस्तृत जानकारी आना अभी बाकी है।
कुल मिलाकर, जियो के AI ग्लास डिजिटल भुगतान को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में एक दिलचस्प पहल है। यदि यह तकनीक सुरक्षित और भरोसेमंद तरीके से बाजार में उपलब्ध होती है, तो भविष्य में स्मार्टफोन निकाले बिना भुगतान करना आम डिजिटल अनुभव का हिस्सा बन सकता है।