वॉशिंगटन/मियामी । रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए अमेरिका ने कूटनीतिक प्रयास तेज कर दिए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर ने मियामी में यूक्रेनी प्रतिनिधियों, यूरोपीय अधिकारियों और नाटो के प्रतिनिधियों के साथ बातचीत की। इस बैठक का उद्देश्य युद्ध समाप्त करने के लिए एक साझा प्रस्ताव तैयार करना और सर्दियों से पहले शांति प्रक्रिया में प्रगति करना था।
ऊर्जा और अनाज की आपूर्ति पर सीमित युद्धविराम की चर्चा
बैठक में उन प्रस्तावों पर चर्चा हुई, जिनके तहत ऊर्जा बुनियादी ढांचे और अनाज की ढुलाई पर हमलों को रोकने के लिए सीमित युद्धविराम लागू किया जा सकता है। यूक्रेन ने इस तरह के विकल्प पर विचार करने की इच्छा जताई है, लेकिन रूस की सहमति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
सर्दियों के करीब आने के साथ ऊर्जा सुविधाओं की सुरक्षा और आम नागरिकों को आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराना वार्ता का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। लगातार हमलों से ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका के बीच अमेरिका संघर्ष को कम करने के विकल्प तलाश रहा है।
यूक्रेन की सुरक्षा गारंटी और पुनर्निर्माण पर भी जोर
वार्ता में यूक्रेन के लिए अमेरिकी और यूरोपीय सुरक्षा गारंटी, युद्ध के बाद देश के पुनर्निर्माण और आर्थिक विकास की योजनाओं पर भी चर्चा हुई। यूक्रेन के यूरोपीय संघ में शामिल होने की संभावनाओं तथा भविष्य में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के मुद्दे भी बातचीत के एजेंडे में रहे।
यूक्रेन की ओर से वरिष्ठ अधिकारी किरिलो बुडानोव, रुस्तेम उमेरोव और डेविड अराखामिया सहित अन्य प्रतिनिधि वार्ता में शामिल हुए। यूरोपीय पक्ष की ओर से ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी के अधिकारियों के साथ यूरोपीय संघ तथा नाटो के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सर्दियों से पहले समझौते की कोशिश
ट्रंप प्रशासन चाहता है कि नवंबर में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों और यूक्रेन में कड़ाके की सर्दी शुरू होने से पहले शांति प्रक्रिया में ठोस प्रगति हो। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी संघर्ष को खतरनाक गतिरोध बताते हुए कूटनीतिक समाधान की जरूरत पर जोर दिया है।
हालांकि, रूस और यूक्रेन के बीच क्षेत्रीय नियंत्रण और भविष्य की सुरक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दे अब भी चुनौती बने हुए हैं। मियामी में हुई बातचीत से युद्ध समाप्त करने के लिए साझा प्रस्ताव तैयार करने की दिशा में प्रयास आगे बढ़े हैं, लेकिन स्थायी शांति के लिए दोनों पक्षों की सहमति जरूरी होगी।
फिलहाल, वार्ता का अगला चरण और रूस की संभावित प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।