नई दिल्ली । देश में चुनाव प्रक्रिया और कथित वोट चोरी को लेकर जारी राजनीतिक विवाद के बीच INDIA गठबंधन के प्रतिनिधिमंडल ने शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर सवाल उठाए। मुलाकात के बाद कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के आरोपों से जुड़े सबूत मांगे हैं, जिन्हें विपक्ष की ओर से उपलब्ध कराया जाएगा।
राष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन, जांच का मिला आश्वासन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बताया कि विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति को पिछले चार दिनों से चल रहे वोट चोरी विरोधी आंदोलन और चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अपनी चिंताओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) के स्थान पर मतपत्रों से चुनाव कराने की मांग भी रखी।
खरगे के अनुसार, राष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल की बातें ध्यानपूर्वक सुनीं और मामले की जांच तथा उचित कदम उठाने पर विचार करने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष आरोपों से जुड़े साक्ष्य एकत्रित कर राष्ट्रपति को सौंपेगा।
राहुल गांधी ने सरकार और चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रपति ने वोट चोरी के आरोपों को खारिज नहीं किया, बल्कि उनसे संबंधित सबूत मांगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर रही है।
राहुल गांधी ने कहा कि विपक्ष लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर संभव रास्ता अपनाएगा और राष्ट्रपति के सामने अपने आरोपों से जुड़े साक्ष्य रखेगा। हालांकि, वोट चोरी और चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी से जुड़े ये विपक्ष के आरोप हैं।
विजय चौक तक निकाला मार्च
राष्ट्रपति भवन पहुंचने से पहले INDIA गठबंधन के सांसदों ने संसद भवन के संविधान सदन के केंद्रीय कक्ष में बैठक की। इस दौरान राष्ट्रपति को सौंपे जाने वाले ज्ञापन को अंतिम रूप दिया गया और विभिन्न विपक्षी दलों के नेताओं ने चुनाव प्रक्रिया से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
इसके बाद सांसदों ने संसद भवन से विजय चौक तक मार्च निकाला। विपक्षी नेताओं के अनुसार, वे इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलने पहुंचे थे, लेकिन उन्हें रोककर पुलिस थाने ले जाया गया। इसके बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया गया और अब राष्ट्रपति के समक्ष अपनी मांगें रखी गई हैं।
खरगे बोले—विपक्ष कई वर्षों से उठा रहा है मुद्दा
मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि विपक्ष चुनाव प्रक्रिया से संबंधित समस्याओं को कई वर्षों से सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त के सामने उठा रहा है, लेकिन उनकी मांगों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया।
उन्होंने दावा किया कि दो चुनाव आयुक्तों ने भी अपनी आपत्तियां दर्ज कराई हैं, इसके बावजूद केंद्र सरकार मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने के लिए तैयार नहीं है। खरगे ने कहा कि विपक्ष जनता के मतदान के अधिकार, संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगा।
ममता बनर्जी ने भी की उचित कार्रवाई की अपील
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि विपक्षी प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपकर मामले की जांच कराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने ज्ञापन और संबंधित विवरण देखने की बात कही है।
ममता बनर्जी ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए राष्ट्रपति से संविधान के अनुरूप उचित कदम उठाने की अपील की। विपक्षी नेताओं ने कहा कि वे अपने आरोपों से संबंधित साक्ष्य राष्ट्रपति को उपलब्ध कराएंगे।
कई विपक्षी दलों के नेता रहे शामिल
इस बैठक और प्रतिनिधिमंडल में कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) की सुप्रिया सुले, कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी, वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, माकपा सांसद जॉन ब्रिटास और अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए।
कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने भी मतपत्रों से चुनाव कराने और मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने की मांग का समर्थन किया।
INDIA गठबंधन ने संकेत दिया है कि वह चुनाव प्रक्रिया से जुड़े इन मुद्दों को आगे भी उठाएगा। समाचार एजेंसी वार्ता के अनुसार, विपक्षी नेता सोमवार को उच्चतम न्यायालय में भी इस मामले को उठाने की तैयारी कर रहे हैं।