छत्तीसगढ़ के 5 हजार से अधिक युवाओं का रोजगार मेले में चयन, मुख्यमंत्री साय ने 1,100 युवाओं को सौंपे ऑफर लेटर

रायपुर । छत्तीसगढ़ में युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय रोजगार मेला-2026 का गुरुवार को समापन हुआ। राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित इस मेले में दो दिनों के दौरान प्रदेशभर से 13 हजार से अधिक युवाओं ने भाग लिया। विभिन्न कंपनियों की चयन प्रक्रिया के बाद 5 हजार से अधिक अभ्यर्थियों का अंतिम चयन किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने लगभग 1,100 चयनित युवाओं को ऑफर लेटर प्रदान किए।

मुख्यमंत्री ने युवाओं को बधाई देते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के युवाओं को अपनी योग्यता और प्रतिभा के अनुरूप रोजगार के अवसर प्रदेश में ही मिलें, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण में योगदान दे सकें।

ढाई वर्षों में 25,845 से अधिक युवाओं को मिला रोजगार

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। पिछले ढाई वर्षों में प्रदेशभर में 925 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया, जिनके माध्यम से 25 हजार 845 से अधिक युवाओं को रोजगार मिला है।

उन्होंने कहा कि आज के दौर में केवल शैक्षणिक योग्यता ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक कौशल और प्रशिक्षण भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से सरकार शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की दिशा में काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने चयनित युवाओं से मेहनत, लगन और ईमानदारी के साथ अपने कार्यक्षेत्र में आगे बढ़ने का आह्वान किया। साथ ही उन युवाओं को निराश नहीं होने की सलाह दी, जिन्हें इस बार रोजगार नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी रोजगार मेलों और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से नए अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे।

95 से अधिक नियोक्ता संस्थानों ने लिया हिस्सा

राज्य स्तरीय रोजगार मेले में 95 से अधिक पंजीकृत नियोक्ता संस्थानों और विभिन्न कंपनियों ने भाग लिया। आयोजन स्थल पर करीब 50 स्टॉल लगाए गए, जहां अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन, साक्षात्कार और चयन प्रक्रिया पूरी की गई।

मेले में आईटीआई, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, स्नातक और विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों की योग्यता रखने वाले युवाओं के लिए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। प्रदेश के सभी जिलों के साथ दूरस्थ और जनजातीय क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।

रोजगार विभाग के साथ औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों, तकनीकी शिक्षा विभाग, पॉलिटेक्निक एवं इंजीनियरिंग महाविद्यालयों और छत्तीसगढ़ राज्य कौशल विकास प्राधिकरण ने आयोजन में सक्रिय भागीदारी निभाई।

ई-रोजगार पोर्टल बनेगा ‘स्किल मार्केट’

राज्य सरकार ई-रोजगार पोर्टल को ‘स्किल मार्केट’ के रूप में विकसित करने की योजना पर काम कर रही है। इसके माध्यम से युवाओं की शैक्षणिक योग्यता, कौशल और रोजगार संबंधी जानकारी को उद्योगों की जरूरतों तथा उपलब्ध रिक्तियों से जोड़ा जाएगा।

इस डिजिटल मंच से युवाओं को अपनी योग्यता के अनुरूप नौकरी खोजने में आसानी होगी, वहीं कंपनियों को आवश्यकतानुसार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। रोजगार मेले में भी पंजीयन, आवेदन, उपस्थिति और चयन से संबंधित प्रक्रियाओं को ई-रोजगार पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन संचालित किया गया।

तकनीकी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री की उपस्थिति में प्रदेश के पॉलिटेक्निक महाविद्यालयों में शिक्षा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने के लिए क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया द्वारा तैयार थर्ड पार्टी मूल्यांकन रिपोर्ट का विमोचन किया गया।

इस रिपोर्ट में संस्थानों के शैक्षणिक स्तर, प्रशिक्षण व्यवस्था, उपलब्ध अधोसंरचना और गुणवत्ता सुधार की संभावनाओं का आकलन किया गया है। इसके सुझावों के आधार पर संस्थानों के विकास और प्रशिक्षण व्यवस्था को उद्योगों की बदलती आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने की कार्ययोजना तैयार की गई है।

रोजगार को आजीविका से जोड़ना सरकार का लक्ष्य : गुरु खुशवंत साहेब

तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। सरकार का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं के हुनर को रोजगार और आजीविका के वास्तविक अवसरों से जोड़ना है।

उन्होंने कहा कि रोजगार मेले में युवाओं की व्यापक भागीदारी उनके उत्साह और बेहतर भविष्य की आकांक्षा को दर्शाती है। उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षण देकर युवाओं को रोजगार के लिए सक्षम बनाया जा रहा है।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री टंकराम वर्मा, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष वर्णिका शर्मा, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष अमरजीत छाबड़ा, विधायक सुनील सोनी और विधायक रोहित साहू सहित जनप्रतिनिधि, औद्योगिक प्रतिष्ठानों के प्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में युवा उपस्थित रहे।

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