कोलंबो । श्रीलंका क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। ऑलराउंडर धनंजय डी सिल्वा ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि टीम की नेतृत्व की जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपी जाए। हालांकि, वह बतौर खिलाड़ी श्रीलंका के लिए उपलब्ध रहेंगे।
धनंजय डी सिल्वा ने चयनकर्ताओं को अपने फैसले की जानकारी देते हुए कहा कि वह टीम के लिए आगे भी खेलना जारी रखना चाहते हैं। उन्होंने कप्तानी से हटने का फैसला श्रीलंकाई क्रिकेट के भविष्य को ध्यान में रखते हुए लिया है।
18 टेस्ट में संभाली टीम की कमान
धनंजय डी सिल्वा ने जनवरी 2024 में श्रीलंका की टेस्ट टीम की कप्तानी संभाली थी। उनके नेतृत्व में श्रीलंका ने 18 टेस्ट मुकाबले खेले। इस दौरान टीम ने सात मैचों में जीत दर्ज की।
कप्तान के तौर पर डी सिल्वा ने बल्ले से भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। उन्होंने 18 टेस्ट मैचों में 1,130 रन बनाए और गेंदबाजी करते हुए नौ विकेट भी हासिल किए।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में मुश्किल स्थिति
मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप चक्र में श्रीलंका की स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। टीम के शीर्ष दो में जगह बनाने की संभावनाएं काफी कमजोर हो चुकी हैं। ऐसे में धनंजय डी सिल्वा का कप्तानी छोड़ने का फैसला श्रीलंका क्रिकेट के लिए एक अहम बदलाव माना जा रहा है।
हालांकि, श्रीलंका क्रिकेट ने अभी तक नए टेस्ट कप्तान के नाम की घोषणा नहीं की है। अब चयनकर्ताओं के सामने टीम के लिए नया नेतृत्व चुनने की चुनौती होगी।
पाकिस्तान के खिलाफ अगली टेस्ट सीरीज
श्रीलंका का अगला टेस्ट अभियान पाकिस्तान के खिलाफ दो मैचों की सीरीज से शुरू होगा। ऐसे में नए कप्तान के चयन पर सभी की नजरें रहेंगी। डी सिल्वा कप्तानी से हटने के बावजूद टीम में बतौर खिलाड़ी अपनी सेवाएं देने के लिए उपलब्ध रहेंगे।
धनंजय डी सिल्वा के फैसले के बाद श्रीलंका की टेस्ट टीम में नेतृत्व के एक नए दौर की शुरुआत होगी।
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धनंजय डी सिल्वा ने छोड़ी श्रीलंका की टेस्ट कप्तानी, बोले- अब अगली पीढ़ी को मिले मौका