CBI छापेमारी पर भगवंत मान का दावा- कुछ नहीं मिला, कार्रवाई हमारी ईमानदारी की पुष्टि

संगरूर |  पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने राज्य में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की करीब 12 घंटे चली कार्रवाई को लेकर भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधा है। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि जांच एजेंसी की टीमें छापेमारी के बाद खाली हाथ लौटीं और उन्हें कुछ नहीं मिला।

भगवंत मान ने इसे अपनी सरकार की ईमानदारी की पुष्टि बताते हुए आरोप लगाया कि आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए भाजपा केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल कर चुनी हुई सरकार और उसके नेताओं की छवि खराब करने की कोशिश कर रही है।

‘राजनीतिक बौखलाहट का नतीजा’

मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा कि CBI की कार्रवाई कथित तौर पर राजनीतिक बौखलाहट का परिणाम है। उन्होंने कहा कि वह और उनकी सरकार ऐसी कार्रवाइयों से डरने वाले नहीं हैं और उनकी सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है।

उन्होंने भाजपा से पंजाब की जनता से माफी मांगने की मांग भी की। मान ने दावा किया कि राज्य में हुई छापेमारी के दौरान जांच एजेंसी को कुछ हासिल नहीं हुआ, जिससे सरकार के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल खड़े होते हैं।

केंद्र पर पंजाब के साथ भेदभाव का आरोप

भगवंत मान ने केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ लगातार अन्याय करने का आरोप लगाया। उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, भाखड़ा-ब्यास प्रबंधन बोर्ड, सतलुज-यमुना लिंक नहर, ग्रामीण विकास निधि और सीमा क्षेत्र निधि समेत कई मुद्दों का उल्लेख करते हुए केंद्र पर राज्य के हितों की अनदेखी का आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने भाजपा की नशा विरोधी यात्रा पर भी टिप्पणी करते हुए इसे कथित “रेड यात्रा” बताया और कहा कि यह प्रयास भी सफल नहीं होगा।

2027 चुनाव को लेकर AAP का दावा

भगवंत मान ने कहा कि 2027 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी का किसी राजनीतिक दल से मुकाबला नहीं है और उनकी सरकार जनता के कल्याण के लिए काम करती रहेगी।

उन्होंने कृषि क्षेत्र का उल्लेख करते हुए नहरों से सिंचाई का दायरा बढ़ने और इससे किसानों को लाभ मिलने का भी दावा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ऐसी कथित दबाव की राजनीति के आगे नहीं झुकेगा और उनकी सरकार हर जांच का सामना करने के लिए तैयार है।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *