छत्तीसगढ़ को राष्ट्रीय सम्मान, ‘सबके लिए आवास’ की पहल को मिली राष्ट्रीय पहचान

रायपुर |  आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और निम्न आय वर्ग (LIG) के परिवारों को किफायती आवास उपलब्ध कराने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार की पहल को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान मिला है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत EWS-LIG के लिए भूमि आरक्षण और Affordable Housing in Partnership (AHP) मॉडल के प्रभावी क्रियान्वयन को भारत सरकार ने ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में मान्यता दी है।

विश्व पर्यावास दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू ने छत्तीसगढ़ को यह राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किया। राज्य की ओर से नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा और SUDA के मुख्य कार्यपालन अधिकारी-सह-राज्य मिशन संचालक सुमित अग्रवाल ने सम्मान ग्रहण किया।

मुख्यमंत्री ने बताया गौरव का विषय

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, SUDA और नगरीय निकायों की पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘सबके लिए आवास’ के संकल्प को छत्तीसगढ़ पूरी प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पक्का घर केवल चार दीवारों और छत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह परिवार की सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य का आधार है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी पात्र परिवार पक्के आवास से वंचित न रहे।

25,413 आवासों के लिए बिना सरकारी खर्च के मिली जमीन

शहरी गरीब और निम्न आय वर्ग के लिए आवास निर्माण में भूमि की उपलब्धता बड़ी चुनौती रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने निजी कॉलोनियों में EWS और LIG वर्ग के लिए भूमि आरक्षण के प्रावधान को प्रभावी तरीके से लागू किया।

इस व्यवस्था के तहत राज्य में 25,413 आवासों के निर्माण के लिए बिना सरकारी खर्च के भूमि उपलब्ध हुई है। इनमें प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 1.0 के तहत 17,790 और योजना 2.0 के तहत 7,623 आवास शामिल हैं।

इस पहल से कमजोर वर्गों के परिवारों को शहरों के बाहरी इलाकों तक सीमित रहने के बजाय नियोजित और विकसित शहरी क्षेत्रों में आवास मिलने का रास्ता खुला है। इससे उन्हें सड़क, बिजली, पानी और शिक्षा जैसी जरूरी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच भी मिल सकेगी।

जमीन से घर तक बनाई गई व्यवस्था

उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री अरुण साव ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने शहरी गरीबों के लिए सिर्फ आवास योजना बनाने तक खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि जमीन उपलब्ध कराने से लेकर घर के निर्माण तक प्रभावी व्यवस्था विकसित की है।

उन्होंने कहा कि EWS-LIG के लिए भूमि आरक्षण और AHP मॉडल को मिला राष्ट्रीय सम्मान राज्य की टीम द्वारा किए जा रहे ठोस प्रयासों की पहचान है। उन्होंने अधिकारियों और नगरीय निकायों की टीम को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान भविष्य में और बेहतर परिणाम देने के लिए प्रेरित करेगा।

शहरी गरीबों के लिए बढ़ेगी आवास की उपलब्धता

सरकार के मुताबिक, निजी कॉलोनियों में भूमि आरक्षण के प्रभावी क्रियान्वयन से एक ओर किफायती आवास के लिए जमीन की समस्या का समाधान हुआ है, वहीं दूसरी ओर कमजोर और निम्न आय वर्ग के परिवारों को बेहतर शहरी सुविधाओं से जोड़ने का अवसर भी मिला है।

छत्तीसगढ़ की इस कार्यप्रणाली को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत राष्ट्रीय स्तर पर ‘बेस्ट प्रैक्टिस’ के रूप में मिली पहचान को राज्य सरकार की ‘सबके लिए आवास’ की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

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