मुंबई | अभिनेता डीनो मोरिया से मुंबई की मीठी नदी की सफाई और गाद निकालने से जुड़े कथित वित्तीय अनियमितता के मामले में आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने पूछताछ की है। हालांकि, डीनो मोरिया ने अपनी गिरफ्तारी की खबरों को गलत बताया है। वह करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद EOW कार्यालय से बाहर निकले।
बताया गया है कि जांच के दौरान डीनो मोरिया कुछ दस्तावेज लेकर EOW कार्यालय पहुंचे थे। अधिकारियों ने दस्तावेजों की जांच की और उनसे मामले से जुड़े सवाल पूछे। इससे पहले जांच टीम उनके घर भी पहुंची थी, जहां उनसे पूछताछ और कुछ दस्तावेजों की जांच की गई थी।
गिरफ्तारी की खबरों पर डीनो मोरिया ने क्या कहा?
पूछताछ पूरी होने के बाद डीनो मोरिया को लेकर गिरफ्तारी की खबरें सामने आईं। हालांकि, अभिनेता ने इन दावों को खारिज किया है। उनसे जब गिरफ्तारी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इसे ‘सच नहीं’ बताया।
जांच अधिकारियों के मुताबिक, मामले में सामने आए तथ्यों और सुरागों के आधार पर डीनो मोरिया को आगे भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। फिलहाल उन्हें गिरफ्तार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है।
क्या है मीठी नदी का कथित 65 करोड़ रुपये का घोटाला?
EOW मुंबई की मीठी नदी की सफाई और गाद निकालने के काम में कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच कर रही है। जांच में नगर निकाय को 65 करोड़ रुपये से अधिक के नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
आरोप है कि कुछ ठेकेदारों और सब-कॉन्ट्रैक्टरों ने नदी से गाद निकालने के काम को लेकर फर्जी रिकॉर्ड, तस्वीरें और अन्य दस्तावेज तैयार किए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर कथित तौर पर भुगतान हासिल किया गया।
जांच एजेंसी बढ़े हुए बिल, कथित फर्जी काम के रिकॉर्ड और ठेकों की प्रक्रिया में संभावित अनियमितताओं की भी जांच कर रही है।
डीनो मोरिया का नाम कैसे आया?
जांच के दौरान आरोपी केतन कदम के साथ डीनो मोरिया और उनके भाई सैंटिनो मोरिया से जुड़े कथित वित्तीय लेन-देन की जानकारी सामने आने की बात कही गई है।
जांच अधिकारी इन लेन-देन की प्रकृति, उनके उद्देश्य और संबंधित लोगों के बीच संबंधों की पड़ताल कर रहे हैं। केतन कदम को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किए जाने की जानकारी है।
हालांकि, किसी व्यक्ति का नाम जांच में सामने आना अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। इन कथित लेन-देन की वास्तविक प्रकृति जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
2005 की बाढ़ के बाद मीठी नदी प्रोजेक्ट पर बढ़ा था जोर
मुंबई में 2005 की भीषण बाढ़ के बाद मीठी नदी की सफाई और गाद निकालने के काम को बाढ़ के खतरे को कम करने के लिए महत्वपूर्ण माना गया था। इसी उद्देश्य से नदी की सफाई और उससे जुड़े कई प्रोजेक्ट चलाए गए।
मौजूदा जांच में पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नदी की सफाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए जारी सरकारी धन का इस्तेमाल निर्धारित काम के लिए हुआ या नहीं।
ED भी कर रही अलग जांच
इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों से जुड़े पहलुओं की जांच कर रहा है। जांच के तहत डीनो मोरिया, नगर निकाय के अधिकारियों और ठेकेदारों से जुड़े परिसरों पर तलाशी की कार्रवाई की जा चुकी है।
जांच में कथित टेंडर अनियमितता, बढ़े हुए भुगतान और फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल जैसे पहलुओं को भी देखा जा रहा है।
फिलहाल डीनो मोरिया से पूछताछ जांच का हिस्सा है और उनकी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है। मामले में सामने आए वित्तीय लेन-देन और अन्य आरोपों की जांच जारी है।