दिल्ली | दिल्ली में गांधी जयंती के दिन छात्र संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफ़े की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का आह्वान किया। यह विरोध चुनाव आयोग के कामकाज और मतदाता सूचियों में किए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की प्रक्रिया को लेकर है।
ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफ़आई) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (डीवाईएफ़आई) ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। दिल्ली पुलिस ने इसकी अनुमति नहीं दी और नई दिल्ली ज़िले में BNSS, 2023 की धारा 163 लागू कर दी।
पुलिस के अनुसार, बिना अनुमति के लोगों का जुटना, जुलूस, प्रदर्शन, धरना, सार्वजनिक भाषण और नारेबाज़ी प्रतिबंधित है। जंतर-मंतर की ओर जाने वाली सड़कों पर बैरिकेडिंग भी की गई।
प्रदर्शन के मद्देनज़र दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर प्रवेश और निकास बंद किया गया। इनमें जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय, राजीव चौक, सेवा तीर्थ, मंडी हाउस, लोक कल्याण मार्ग, आईएनए, चावड़ी बाजार, रामकृष्ण आश्रम मार्ग और नई दिल्ली शामिल हैं। राजीव चौक, मंडी हाउस, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय पर इंटरचेंज की सुविधा जारी रखी गई।
वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने पुलिस की कार्रवाई की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन को रोकने के लिए बड़े पैमाने पर प्रतिबंध लगाए गए और लोगों को हिरासत में लिया गया। सांसद मनोज झा को हिरासत में लिए जाने का दावा भी किया गया है। इन दावों को संबंधित पक्षों के बयान के रूप में देखा जाना चाहिए।
आम आदमी पार्टी की नेता आतिशी और सांसद संजय सिंह ने भी लोगों से प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। आतिशी ने इसे वोट देने के अधिकार से जुड़ा मुद्दा बताया, जबकि संजय सिंह ने SIR के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए जाने का आरोप लगाया।
इस बीच, मुंबई में भी ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया गया है। शिवाजी पार्क में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर पुलिस ने कहा कि संबंधित न्यायिक आदेशों और क्षेत्र के साइलेंस ज़ोन होने के कारण वहां सभा की अनुमति देना उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है।